क्या बिहार चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है?

क्या बिहार चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला लोकसभा चुनाव की तर्ज पर होगा, लेकिन जेडीयू सबसे ज़्यादा सीटों पर लड़ेगी. सूत्रों के अनुसार, जेडीयू को 102-103, बीजेपी को 101-102, चिराग पासवान की पार्टी को 25-28, जीतन राम मांझी को 6-7 और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 4-5 सीटें मिल सकती हैं.

क्या एनडीए का ‘बिहार प्लान’ लीक हो गया? या लीक कर दिया गया? ये सवाल इसलिए कि बिहार के सियासी गलियारे में सीट शेयरिंग फॉर्मूले को लेकर एक चार्ट घूम रहा है। बिहार में होने वाले विधानसभा चुनाव में एनडीए की सभी पांच पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ेंगी। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया कि 243 विधानसभा सीटों में से जेडीयू 102-103 पर और बीजेपी 101-102 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। बीजेपी से एक सीट ज्यादा जेडीयू का रहेगा। बाकी बची हुई लगभग 40 सीटें लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को दी जाएंगी। चिराग पासवान को सबसे ज्यादा सीटें मिल सकती हैं क्योंकि उनके पांच सांसद हैं।

चिराग पासवान को 25-28 सीटें मिल सकती है। जीतन राम मांझी को 6-7 सीटें मिलने की संभावना है। वहीं, उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा को 4-5 सीटें मिलने की उम्मीद है। हालांकि, ये भी बताया जा रहा है कि अभी सीटों के बंटवारे पर शुरुआती दौर की बातचीत हुई है। वैसे, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी पहले ही प्रेशर पॉलिटिक्स का गेम चलना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि फर्स्ट राउंड की बातचीत पटना में हो चुकी है। अब जल्द ही दिल्ली में बातचीत का अगला दौर शुरू होगा।

हालांकि इसकी अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन सूत्रों के हवाले से खबर कि एनडीए में सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय हो गया है। जिसमें नीतीश कुमार की जेडीयू और बीजेपी को बराबर सीटें मिलने की उम्मीद है। वहीं चिराग की लोजपा (आर) जिसके बिहार में 5 सांसद भी हैं, उसे 25-28 सीटें मिल सकती हैं, जो एक बड़ा हिस्सा है, वहीं 40 सीटों की दावा करने वाले जीतन मांझी की हम को 6-7 सीटें मिल सकती है। 2020 के चुनाव में भी पार्टी 7 सीटों पर लड़ी थी, और 4 सीटें जीती थी। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को 4-5 सीटें देने पर सहमति बनी है।

इस सीट बंटवारे के तहत एनडीए के घटक दलों को साधने की कोशिश की गई है। इसी फॉर्मूले के तहत सीट बंटवारा तय माना जा रहा है लेकिन अभी इसकी अंतिम घोषणा होनी बाकी है। बात अगर 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव की करें तो उस वक्त एनडीए में जेडीयू, बीजेपी, हम और मुकेश सहनी की वीआईपी शामिल थी। तब बीजेपी 110, जेडीयू 115, हम 7, और सहनी की पार्टी 11 सीटों पर चुनाव लड़ी थी। जिसमें भाजपा सबसे ज्यादा 74 सीटें जीती थी, वहीं जदयू 43, हम 4 और वीआईपी ने भी 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

2020 में चिराग की लोजपा (आर) अकेले चुनाव लड़ी थी। वहीं उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी ने थर्ड फ्रंट बनाया था। जिसमें बसपा, ओवैसी की AIMIM शामिल थी। जिसमें कुशवाहा की पार्टी एक भी सीट नहीं जीती थी, लोजपा (आर) को एक सीट मिली थी, वहीं एआईएमआईएम 20 सीटों पर लड़कर 5 सीटें जीती थी। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, और इसी वर्ष अक्तूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव संभावित है.

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