मौनी अमावस्या 18 जनवरी को, स्नान दान और साधना का विशेष महत्व

मौनी अमावस्या 18 जनवरी को, स्नान दान और साधना का विशेष महत्व

श्रीनारद मीडिया, दारौंदा, सीवन (बिहार)।

सीवान जिला सहित दारौंदा प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में मौनी अमावस्या 18 जनवरी रविवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी।

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हिंदू पंचांग के अनुसार यह दिन व्रत, ध्यान और साधना के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। शास्त्रों में वर्णित है कि मौनी अमावस्या पर मौन रहकर आत्मचिंतन करने से मानसिक शांति की प्राप्ति होती है और व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इस दिन श्रद्धालु प्रातःकाल स्नान कर व्रत का संकल्प लेते हैं और पूरे दिन मौन व्रत का पालन करते हैं। अनावश्यक बातचीत से बचते हुए अपने चित्त को ईश्वर भक्ति, ध्यान और प्रार्थना में केंद्रित किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि मौन रहने से मन की चंचलता समाप्त होती है और आत्मा को बल मिलता है।
मौनी अमावस्या पर उपवास, दान और सेवा का विशेष महत्व है। इस दिन अन्न, वस्त्र, कंबल, तिल, गुड़ तथा जरूरतमंदों को दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराने और गरीबों की सहायता करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं। कई श्रद्धालु इस अवसर पर गंगा स्नान या पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित करते हैं।
धार्मिक जानकारों के अनुसार मौनी अमावस्या का व्रत करने से मानसिक संतुलन बना रहता है और आत्मिक शुद्धि होती है। यही कारण है कि यह दिन साधकों और भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। मंदिरों में भी इस अवसर पर विशेष पूजन -अर्चन और किया जाता हैं।

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