खनन माफियाओं ने बीस फिट गहरी खोद दी जमीन, हवा में लटका कुआं

खनन माफियाओं ने बीस फिट गहरी खोद दी जमीन, हवा में लटका कुआं

@ सिस्टम पर सवाल,जलालपुर थानाध्यक्ष त्रिवेणी सिंह की सह पर खनन माफियाओं का आतंक जारी

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श्रीनारद मीडिया / सुनील मिश्रा वाराणसी यूपी

जौनपुर / जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के केरांव गांव में एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है,जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब तेजी से वायरल हो रही है। वायरल हो रही वीडियो में एक कुआं अब जमीन पर नहीं, बल्कि जमीन तल से करीब 20 फीट ऊपर दिखाई दे रही है। पुलिस संरक्षण में खनन माफियाओं द्वारा मिट्टी खुदाई का यह दृश्य न केवल आंखों को चकाचौंध करती है,बल्कि पुलिस और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़ी कर देती है। यह तस्वीर जो देखने को मिल रही है इसमें किसी और का खेल नहीं,बल्कि जलालपुर पुलिस संरक्षण में खनन माफियाओं की करतूत है। खनन माफिया ने इस कदर मिट्टी की खुदाई किया है कि कुएं के चारों तरफ की मिट्टी को लगभग 20 फीट गहराई तक खोद डाली है और कुआं हवा में झूल रहा है। हालांकि वीडियो की पुष्टि हम नहीं करते हैं। लेकिन स्थानीय लोग इस स्थिति को पुलिस संरक्षण में खनन माफिया की लूट और सरकारी तंत्र की निष्क्रियता का नतीजा बताया है। स्थानीय निवासी रामाश्रय के अनुसार, रात 9 बजे से सुबह 4 बजे तक लगातार मिट्टी की खुदाई होती है। उनका घर खनन स्थल से महज 50 मीटर की दूरी पर है। उन्होंने बताया कि रात भर जेसीबी और ट्रैक्टरों की आवाज़ से सोना मुश्किल हो गया है, लेकिन गांव का प्रधान भी मौन है।

वहीं गांव की एक अन्य महिला शांति, ने बताया कि उनके खेत से सटी बंजर सरकारी ज़मीन की भी मिट्टी पुलिस संरक्षण में खनन माफियाओं द्वारा निकाल कर बेच दी गई है। क्षेत्रीय निवासी डॉ.अकिल अहमद, ने बताया कि गांव में ही मैंने एक बीघा जमीन खरीद रखी है, माह भर पूर्व एक रात चार-पांच जेसीबी और दस से पंद्रह ट्रैक्टर-डंपर उनकी ज़मीन पर मिट्टी का खनन करने लगे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी, पुलिस आई भी और एक ट्रैक्टर को जब्त किया, लेकिन कुछ ही घंटों में बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही उसे छोड़ दिया गया। डॉ. अकिल का कहना है कि उन्होंने इस पूरे मामले की शिकायत एसपी, डीएम और खनन विभाग के अधिकारियों से की, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। निराश होकर वे अब न्याय की उम्मीद छोड़ चुके हैं। उनके मुताबिक, माफिया उनकी ज़मीन से करीब चार लाख रुपये की मिट्टी निकाल ले गए है। ग्रामीणों की माने तो यह कुआं कभी गांव के लिए जल का मुख्य स्रोत था, लेकिन आज वह खुद प्यासा और बेसहारा है। खनन माफिया की लूट की भूख इतनी बढ़ गई है कि न जल संरक्षण की परवाह है, न पर्यावरण की चिंता। यह दृश्य केवल एक कुएं की कहानी नहीं, बल्कि उस संवेदनहीन तंत्र की तस्वीर भी है, जहां कायदे-कानून मुनाफे की राह में बाधा समझे जाते हैं।

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