बिहार के लाल नीरज कुमार सिंह ने शिक्षा और सामाजिक विकास में रचा अंतर्राष्ट्रीय इतिहास

बिहार के लाल नीरज कुमार सिंह ने शिक्षा और सामाजिक विकास में रचा अंतर्राष्ट्रीय इतिहास

छोटे से गांव से अमेरिका के वैश्विक मंच तक का सफर, युवाओं के लिए बना प्रेरणा स्रोत:

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श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर, छपरा, (बिहार):


बिहार की मिट्टी में जन्मे प्रतिभाशाली युवा नीरज कुमार सिंह ने शिक्षा और सामाजिक विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर न केवल सारण जिले बल्कि पूरे राज्य और देश का नाम अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। सारण जिले के पानापुर प्रखंड अंतर्गत गंडक दियारा क्षेत्र के पकड़ी नरोत्तम गांव के सतजोड़ा बाजार निवासी नीरज कुमार सिंह आज विश्व के युवाओं के लिए प्रेरणा की मिसाल बन चुके हैं। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सही दिशा में हो, तो सफलता वैश्विक मंच तक पहुंच सकती है। क्योंकि नीरज कुमार सिंह का दृढ़ विश्वास है कि शिक्षा समाज को बदलने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने अपनी सकारात्मक भूमिका से न केवल युवाओं में नई सोच जगाई है, बल्कि गांव, जिला, राज्य और देश को वैश्विक मंच पर गौरवान्वित भी किया है।

हाल ही में नीरज कुमार सिंह ने अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी स्थित मैरियट मार्क्विस होटल में आयोजित SSWR 2026 वार्षिक सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में विश्व भर से शिक्षा, सामाजिक कार्य, शोध और नीति निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों ने भाग लिया। सम्मेलन के दौरान समाज से जुड़े नए मुद्दों, शोध निष्कर्षों और भविष्य की चुनौतियों पर गंभीर विमर्श हुआ, जिसमें नीरज के विचारों को विशेष सराहना मिली। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मे नीरज, पिता प्रमोद सिंह और माता गीता देवी के सपूत हैं। ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े नीरज ने अपनी मेहनत और लगन के बल पर अंतरराष्ट्रीय पहचान बनाई। उनकी जीवन यात्रा यह संदेश देती है कि गांव से निकलकर भी वैश्विक बदलाव का हिस्सा बना जा सकता है।

शिक्षा और युवाओं के सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए नीरज कुमार सिंह अब तक 12 देशों में, जिनमें 10 दक्षिण एशियाई देश शामिल हैं, विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक परियोजनाओं का नेतृत्व कर चुके हैं। उन्होंने कोलंबिया यूनिवर्सिटी, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी, एमआईटी, यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो और CSWE 2025 जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर अपने शोध और अनुभव साझा किए हैं। उनका मुख्य उद्देश्य शिक्षा की समान पहुंच सुनिश्चित करना और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान करना रहा है।

शैक्षणिक दृष्टि से भी नीरज का सफर प्रेरणादायक है। उन्होंने बी.एससी. की पढ़ाई के बाद राजीव गांधी राष्ट्रीय युवा विकास संस्थान से सामाजिक कार्य में मास्टर डिग्री प्राप्त की। इसके साथ ही टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज, मुंबई से डिप्लोमा किया। आगे चलकर उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिल्वेनिया (Penn GSE), अमेरिका से इंटरनेशनल एजुकेशनल डेवलपमेंट में मास्टर डिग्री हासिल की, जहां उन्होंने शिक्षा नीति, समानता और वैश्विक शिक्षा पर गहन अध्ययन किया।

नीरज कुमार सिंह ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय, न्यूयॉर्क में यूथ डेलीगेट के रूप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है। वर्तमान में वे ‘द सोशल वर्क नेबरहुड’, यूएसए में मेंटोर के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे नए सामाजिक कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दे रहे हैं। अब तक वे 100 से अधिक परियोजनाओं और 50 से ज्यादा NGO, सरकारी विभागों व अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के साथ काम कर चुके हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान USAID की MRITE परियोजना के तहत 25 लाख से अधिक लोगों तक टीकाकरण से जुड़ी सहायता पहुंचाने में भी उनका अहम योगदान रहा।

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