ज्ञानरंजन के न होने का अर्थ
ज्ञानरंजन के न होने का अर्थ श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क यह एक दुःखद खबर हैं। कथाकार और हिंदी की सर्वाधिक प्रतिष्ठित पत्रिका पहल के संपादक ज्ञानरंजन का जाना हिंदी और भारतीय कथा एवं विचार के एक युग का अंत भी हैं! वह नयी कहानी आंदोलन के बाद सातवें -आठवें दशक में उभरकर आये सर्वाधिक महत्वपूर्ण…
