जंगली सुअर के हमले में घायल मरीज को नहीं मिला इलाज, खबर संकलन कर रहे पत्रकार से धक्का मुक्की
श्रीनारद मीडिया, विक्की बाबा, मशरक, सारण (बिहार):
मशरक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) एक बार फिर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और विवादित प्रशासनिक रवैये को लेकर सुर्खियों में है। जंगली सुअर के हमले में गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को समय पर न तो समुचित इलाज मिल सका और न ही अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय संसाधन उपलब्ध पाए गए। वहीं परिजनों के द्वारा विरोध जताने पर खबर संकलन के दौरान प्रखंड स्तरीय पत्रकार के साथ स्वास्थ्य प्रबंधक द्वारा बदसलूकी, धक्का-मुक्की और एफआईआर की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है, जिससे पूरे प्रखंड में आक्रोश का माहौल है।
घटना धवरी गोपाल गांव निवासी स्वर्गीय सत्यदेव सिंह के 50 वर्षीय पुत्र तारकेश्वर सिंह से जुड़ी है। जानकारी के अनुसार जंगली सुअर ने उन पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों द्वारा उन्हें तत्काल सीएचसी मशरक में भर्ती कराया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचते ही स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खुल गई। परिजनों का आरोप है कि सीएचसी में ड्यूटी पर एक भी एमबीबीएस चिकित्सक मौजूद नहीं था।
केवल होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ललिता द्वारा प्राथमिक उपचार किया गया। घायल के शरीर में गहरे जख्म थे, जिन्हें टांके लगाने की आवश्यकता थी, लेकिन अस्पताल में न तो नीडिल उपलब्ध थी और न ही सिलाई का धागा। इसके बाद सीएचसी में कार्यरत जीएनएम ने परिजनों को बाहर से नीडिल और धागा खरीद कर लाने को कहा। इस दौरान घायल मरीज करीब 30 मिनट से अधिक समय तक बिना इलाज के तड़पता रहा, जबकि परिजन मशरक बाजार के मेडिकल दुकानों में आवश्यक सामान खोजते रहे। इस घटना ने सीएचसी में उपलब्ध मूलभूत संसाधनों और स्वास्थ्य प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इसी बीच प्रखंड स्तरीय पत्रकार प्रकाश सिंह जब खबर संकलन के लिए सीएचसी पहुंचे, तो परिजनों ने उन्हें पूरी आपबीती बताई। इसके बाद पत्रकार ने अस्पताल के बाहर परिजनों का बयान रिकॉर्ड करना शुरू किया। आरोप है कि जैसे ही एक परिजन की बाइट लेने के बाद पत्रकार दूसरे से बातचीत करने लगे, तभी सीएचसी मशरक में कार्यरत स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार मौके पर पहुंचे और पत्रकार के साथ पहले बदतमीजी की तथा फिर धक्का दे दिया। इस दौरान पत्रकार का मोबाइल नीचे गिर गया। स्वास्थ्य प्रबंधक का यह पूरा रवैया पत्रकार के कैमरे में कैद हो गया। आरोप है कि इसके बाद स्वास्थ्य प्रबंधक ने परिजनों को भी डांट-फटकार लगाई और अभद्र भाषा का प्रयोग किया, जिससे वहां मौजूद लोगों में आक्रोश फैल गया।
इलाज की समुचित व्यवस्था न होने और एमबीबीएस चिकित्सकों के अनुपस्थित रहने के कारण अंततः घायल तारकेश्वर सिंह को सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहीं घटना अस्पताल के सीसीटीवी कैमरे में भी कैद हो गई। घटना की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोग, अन्य पत्रकार और कुछ टेंपू चालक भी सीएचसी परिसर में पहुंचे और स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार से बातचीत करने का प्रयास किया, लेकिन उनका तेवर नरम नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्वास्थ्य प्रबंधक ने ऊंची आवाज में कहा कि “पत्रकार का अस्पताल में घुसना मना है, आप लोग यहां से चले जाइए, नहीं तो एफआईआर कर देंगे।” इस धमकी से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार का व्यवहार पहले से ही विवादित रहा है।
उनके खिलाफ पहले भी गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार के ऑडियो वायरल हो चुके हैं। लोगों का आरोप है कि इसी तरह के व्यवहार के चलते उन्हें पहले पानापुर से हटाकर मशरक भेजा गया था। इस पूरे मामले को लेकर जदयू प्रखंड अध्यक्ष रामाधार सिंह ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्वास्थ्य प्रबंधक का रवैया बेहद घटिया है और ऐसे अधिकारी के खिलाफ तत्काल जांच कर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं आक्रोशित स्थानीय लोगों ने भी स्वास्थ्य प्रबंधक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य प्रबंधक अमित कुमार से नाराज प्रखंड की जनता पहले ही इस संबंध में सारण डीएम को पत्र लिखकर शिकायत कर चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।उधर, यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के समय प्रभारी चिकित्सक डॉ. अनंत नारायण कश्यप दोपहर के बाद ड्यूटी से नदारद थे, जिससे मरीज को समय पर चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल सकी। इस घटना ने न केवल मशरक सीएचसी की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि पत्रकारों के साथ किए गए दुर्व्यवहार ने लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा और स्वतंत्रता को लेकर भी चिंता बढ़ा दी है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है।
प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष के सेवानिवृत्त बैंक कर्मी भाई का निधन
श्रीनारद मीडिया, विक्की बाबा, मशरक, सारण (बिहार):
मशरक प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष सह बहरौली पंचायत के मुखिया अजीत सिंह के बड़े भाई पंकज सिंह का निधन गुरुवार को हो गई। प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि पंकज सिंह सेवानिवृत बैंक कर्मी थे। जो कि मुज़फ्फरपुर यूको बैंक से 2012 में सेवानिवृत हो गए थे। पिछले कई दिनों से तबियत खराब होने के वजह से पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे। खबर सुनते ही आसपास के ग्रामीण, जनप्रतिनिधि तथा बुद्धिजीवी लोगों का भीड़ उमड़ पड़ा। पुत्र राजन कुमार ने मुखाग्नि दिए। मौके पर प्रखंड प्रमुख रवि प्रकाश सिंह मंटू, पूर्व मुखिया बृजकिशोर सिंह,अरुण सिंह, गुड्डू कुमार, मिकु सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित किया।
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