राजनीति भोग नहीं, त्याग है- नितिन नबीन

राजनीति भोग नहीं, त्याग है- नितिन नबीन

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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नितिन नबीन को मंगलवार को औपचारिक रूप से भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया गया। उन्होंने जेपी नड्डा का स्थान लिया और पार्टी के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत की, क्योंकि पार्टी देश की राजनीति पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। भाजपा के संगठनात्मक चुनावों के रिटर्निंग ऑफिसर के. लक्ष्मण ने संगठनात्मक चुनावों के परिणाम घोषित किए और 45 वर्षीय नबीन को चुनाव प्रमाण पत्र सौंपा।

वे पार्टी के शीर्ष पद पर आसीन होने वाले अब तक के सबसे युवा अध्यक्ष हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नड्डा, वरिष्ठ मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी और अन्य कई लोग नेतृत्व परिवर्तन के साक्षी बनने के लिए भाजपा मुख्यालय में उपस्थित थे। नबीन भाजपा के 12वें अध्यक्ष बने, जिसकी स्थापना 1980 में हुई थी, उसी वर्ष उनका जन्म भी हुआ था। सादगीप्रिय और कम चर्चित नबीन ने 14 दिसंबर को भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद बिहार सरकार में कानून और न्याय, शहरी विकास और आवास मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने कहा कि मैं आज इस अवसर पर पार्टी के पूर्व के राष्ट्रीय अध्यक्षों का स्मरण करता हूं और उनका अभिवादन करता हूं। आज का क्षण मेरे लिए संकल्प का क्षण है। आज मैं केवल पद ग्रहण नहीं कर रहा हूँ। मैं इस पार्टी की विचारधारा, परंपराओं और राष्ट्रवादी आंदोलन की ज़िम्मेदारी को स्वीकार कर रहा हूँ, और इस अवसर पर मैं अपने सभी वरिष्ठ सहयोगियों को भी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। आज 140 करोड़ भारतीय विकसित भारत के सपने से जुड़ रहे हैं और देश को आगे ले जाने के लिए काम कर रहे हैं। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ।

अगले कुछ महीनों में तमिलनाडु, असम, बंगाल, केरल और पुडुचेरी में चुनाव होने वाला है और वहां की डेमोग्राफी की चर्चा हो रही है कि किस प्रकार वहां डेमोग्राफी बदल रही है। यह हमारे लिए चुनौती है लेकिन हम पूरी तरह आश्वस्त हैं कि भाजपा का कार्यकर्ता अपने संघर्ष और परिश्रम के बल पर इन पांचों राज्यों में सशक्त भाजपा का नेतृत्व प्रदान करेगा। भाजपा के कार्यकर्ता कुछ नारों को जनसंघ के समय से गढ़ते थे- ‘राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे,’ ‘जहां हुए बलिदान मुखर्जी वह कश्मीर हमारा है’, ‘एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेगा।’

भाजपा के कार्यकर्ताओं ने वह समय देखा जब अयोध्या में राम मंदिर का मार्ग प्रशस्त हुआ। जम्मू-कश्मीर की जनता ने धारा 370 से मुक्ति का दौर देखा… जब हम श्रीनगर के लाल चौक में तिरंगा लहराते देखते हैं तो गर्व की अनुभूति होती है। हमने वह दौर भी देखा है जब पाकिस्तान के झंडे लहरा रहे थे और दिल्ली की सरकार मौन बैठी थी… जब 370 की समाप्ति हुई तो कश्मीर की फिज़ा बदली है।

 

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