रघुनाथपुर : कड़ाके की ठंड में अलाव जलवाने की मांग,जिम्मेवार लोग हीटर में

रघुनाथपुर : कड़ाके की ठंड में अलाव जलवाने की मांग,जिम्मेवार लोग हीटर में

श्रीनारद मीडिया, प्रसेनजीत चौरसिया,सीवान (बिहार)

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सीवान के रघुनाथपुर में पड़ रही कड़ाके की ठंड में अलाव जलवाने की मांग बारंबार उठ रही है लेकिन स्थानीय प्रशासन के कानों तक जूं नहीं रेंग रहा है।करीब एक सप्ताह पहले राष्ट्रीय जनता दल अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ (राजद) के प्रदेश महासचिव अफाक अहमद ने जिला प्रशासन से रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में अलाव जलवाने की मांग की थी.बावजूद कही अलाव नहीं जला।कड़ाके की ठंड में प्रशासन से अलाव जलवाने की मांग उठ रही है, जनहित में चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की तत्काल व्यवस्था करने की अपील की जा रही है।

पछुआ हवाओ से बढ़ी कनकनी ठंड को देखते हुए रघुनाथपुर निवासी अविनाश पाण्डेय ने स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन से प्रखंड/अंचल/थानाक्षेत्र के चौक चौराहों पर अलाव जलवाने की मांग की है।

इस बाबत अंचलाधिकारी प्रत्यक्ष कुमार ने बताया कि प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गा मंदिर पर अलाव जल रहा है बाकी जगहों पर अलाव जलने की बात और अलाव जलते हुए फोटो की मांग पर अधिनस्थ कर्मचारियों के पास होने को कहे। प्राप्त जानकारी के अनुसार अंचल क्षेत्र में कही भी (प्रखंड मुख्यालय स्थित दुर्गा मंदिर पर भी ) सरकारी अलाव नहीं जल रहा है जबकि अलाव जलवाने के मद में अभी हाल फिलहाल 20 हजार रुपया जिला मुख्यालय से आया है। ज्ञात हो कि अलाव की व्यवस्था न होने से राहगीर,बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे प्रभावित हो रहे है।

मांग के मुख्य कारण:
  • कड़ाके की ठंड: शीतलहर और बर्फीली हवाओं से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, खासकर सुबह और शाम के समय।
  • कमजोर वर्गों पर असर: बुजुर्ग, छोटे बच्चे, दिहाड़ी मजदूर और गरीब लोग ठंड से सबसे ज़्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
  • असुरक्षा और असुविधा: रात में रोशनी न होने से आपराधिक गतिविधियों का डर और खुले में काम करने वालों को दिक्कतें।
  • प्रशासन की अनदेखी (कुछ जगहों पर): कागजी आदेशों के बावजूद धरातल पर अलाव की व्यवस्था न होना, जिससे लोगों में आक्रोश है। 
स्थानीय स्तर पर कार्रवाई:
  • जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की पहल: कई जगहों पर ग्राम प्रधानों, सभासदों और समाजसेवियों ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर अलाव की व्यवस्था की है।
  • प्रशासन से अपील: लोगों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से सभी वार्डों, चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने की मांग की है। 
संभावित समाधान (मांग के अनुसार):

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