बिहार में फरवरी महीने में रविवार को भी निबंधन कार्यालय खुले रहेंगे
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री कराने वालों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि फरवरी महीने में रविवार को भी निबंधन कार्यालय खुले रहेंगे। यानी लोग अब रविवार के दिन भी भूमि की खरीद-बिक्री का निबंधन (रजिस्ट्री) करा सकेंगे। हालांकि महाशिवरात्रि की छुट्टी के दिन निबंधन कार्यालय बंद रहेंगे। इस संबंध में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने शुक्रवार को आधिकारिक जानकारी दी। विभाग के अनुसार, फरवरी में महाशिवरात्रि को छोड़कर बाकी सभी दिनों में आम नागरिक निबंधन कार्यालय जाकर रजिस्ट्री से जुड़े सभी कार्य करवा सकते हैं।
सरकार के इस निर्णय से खासकर उन लोगों को फायदा होगा जो नौकरी या अन्य कारणों से सप्ताह के दिनों में निबंधन कार्यालय नहीं जा पाते। रविवार को कार्यालय खुले रहने से लोगों को अतिरिक्त समय मिलेगा और कामकाज में सुविधा होगी। साथ ही निबंधन कार्यालयों पर बढ़ने वाली भीड़ कम होने की उम्मीद है, जिससे प्रक्रिया अधिक सुचारू हो सकती है।
विभाग का कहना है कि रविवार को भी निबंधन कार्य जारी रखने से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी और राज्य के राजस्व में भी बढ़ोतरी संभव है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी और आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि निबंधन के लिए आवश्यक दस्तावेज पूरे रखें और निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें। सरकार के इस कदम को निबंधन प्रक्रिया को अधिक जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वहीं डिप्टी सीएम सह राजस्व एवं भू सुधार मंत्री विजय सिन्हा ने चेतावनी दे चुके हैं कि भू माफिया और भ्र्ष्टाचार में लिप्त पदाधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
कामकाजी लोगों को मिलेगी बड़ी राहत
अक्सर देखा जाता है कि कामकाजी लोग और नौकरीपेशा वर्ग के लिए कार्यदिवसों में कार्यालय आकर रजिस्ट्री कराना चुनौतीपूर्ण होता है। सरकार के इस निर्णय से अब लोग अपनी सुविधा के अनुसार छुट्टी वाले दिन भी जमीन-मकान के दस्तावेजों का निबंधन करा सकेंगे। इससे न केवल लोगों का समय बचेगा, बल्कि दफ्तरों में लगने वाली लंबी कतारों और भीड़ से भी मुक्ति मिलेगी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जनवरी माह में होने वाले इस प्रयोग की सफलता के आधार पर भविष्य में भी ऐसे निर्णय लिए जा सकते हैं।
फिलहाल, सभी जिलों के जिला अवर निबंधकों को निर्देश दे दिया गया है कि वे छुट्टियों के दिनों में भी कर्मचारियों की उपस्थिति और सुचारू कामकाज सुनिश्चित करें। सरकार के इस फैसले के पीछे दो मुख्य उद्देश्य हैं। पहला यह कि साल के शुरुआती महीने में रजिस्ट्री की संख्या बढ़ने से सरकारी खजाने में राजस्व की बढ़ोतरी होगी और दूसरा यह कि चूंकि कार्यदिवसों के दौरान निबंधन कार्यालयों पर भारी दबाव रहता है। इसलिए छुट्टियों में कार्यालय खुलने से यह दबाव बंट जाएगा, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

