सारण का वांछित नक्सली मोहन महतो एसटीएफ के हत्थे चढ़ा, 2009 के गंभीर कांड में था फरार

सारण का वांछित नक्सली मोहन महतो एसटीएफ के हत्थे चढ़ा, 2009 के गंभीर कांड में था फरार

श्रीनारद मीडिया, छपरा (बिहार):

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सारण जिले में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिहार पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। जिले के मकेर थाना क्षेत्र से लंबे समय से फरार चल रहे वांछित नक्सली मोहन महतो को बिहार एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की विशेष टीम ने गिरफ्तार कर लिया है।

 

वर्ष 2009 के एक गंभीर आपराधिक कांड में नामजद यह नक्सली पिछले कई वर्षों से पुलिस के लिए चुनौती बना हुआ था। उसकी गिरफ्तारी से जिले में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद जताई जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार नक्सली की पहचान जमालपुर निवासी मोहन महतो के रूप में हुई है। वह स्वर्गीय जयमंगल महतो का पुत्र है और मकेर थाना क्षेत्र के जमालपुर गांव का रहने वाला है।

 

उसके खिलाफ मकेर थाना कांड संख्या 43/09, दिनांक 20 नवंबर 2009 दर्ज है।इस मामले में उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 324, 326, 427, 120बी, 109 के अलावा विस्फोटक अधिनियम की धारा 3/4 और सीएलए एक्ट की धारा 17 के तहत गंभीर आरोप हैं।

बताया जाता है कि यह मामला नक्सली हिंसा से जुड़ा हुआ था, जिसमें जानलेवा हमला और विस्फोटक के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। कांड के बाद से ही मोहन महतो लगातार फरारी काट रहा था और अलग-अलग ठिकानों पर छिपकर रह रहा था।

गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई
एसटीएफ को हाल ही में गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित नक्सली मोहन महतो अपने ही क्षेत्र में छिपकर रह रहा है। सूचना की पुष्टि के बाद एसटीएफ ने एक विशेष टीम का गठन किया और योजनाबद्ध तरीके से मकेर थाना क्षेत्र में छापेमारी की,कार्रवाई के दौरान मोहन महतो को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के समय उसने भागने का प्रयास किया, लेकिन सुरक्षा बलों की सतर्कता और घेराबंदी के कारण वह सफल नहीं हो सका।

 

वर्षों बाद कानून के शिकंजे में पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मोहन महतो नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रहा है और उस पर क्षेत्र में हिंसक घटनाओं को अंजाम देने का आरोप रहा है। उसकी गिरफ्तारी से सारण जिले में सक्रिय नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। फिलहाल एसटीएफ और स्थानीय पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है।

 

पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान नक्सली संगठन, उनके नेटवर्क, ठिकानों और अन्य फरार नक्सलियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिल सकती हैं।एसटीएफ ने साफ किया है कि नक्सलियों और वांछित अपराधियों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा। इस गिरफ्तारी को सारण जिले में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से एक अहम उपलब्धि माना जा रहा है।

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