भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी 98 वर्ष के हुए

भाजपा के वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी 98 वर्ष के हुए

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी शनिवार को 98 वर्ष के हो गए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें जन्मतिथि पर बधाई दी। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट किया, लालकृष्ण आडवाणी जी को उनकी जन्मतिथि पर बधाई। दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता से संपन्न आडवाणी जी का जीवन भारत की प्रगति को मजबूत करने के लिए समर्पित रहा है।

उन्होंने सदैव निस्वार्थ कर्तव्य और दृढ़ सिद्धांतों की भावना को अपनाया है। उनके योगदान ने भारत के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है। ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय राजनीति में भाजपा को मजबूत ताकत के रूप में उभारने में अहम भूमिका निभाने वाले आडवाणी को भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।

पीएम मोदी ने आडवाणी को दी जन्मदिन की बधाई

अपनी पोस्ट में पीएम मोदी ने कहा ‘लालकृष्ण आडवाणी जी को उनके जन्मदिन पर हार्दिक शुभकामनाएं. एक महान दूरदर्शिता और बुद्धिमत्ता से संपन्न राजनेता, आडवाणी जी का जीवन भारत की प्रगति को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित रहा है. उन्होंने सदैव निस्वार्थ कर्तव्य और दृढ़ सिद्धांतों की भावना को अपनाया है.उनके योगदान ने भारत के लोकतांत्रिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर अमिट छाप छोड़ी है. ईश्वर उन्हें उत्तम स्वास्थ्य और दीर्घायु प्रदान करे.

98 साल के हुए लालकृष्ण आडवाणी

भारत रत्न आडवाणी शनिवार को 98 साल के हो गए हैं. साल 2024 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आडवाणी को उनके घर जाकर भारत रत्न दिया था. इससे पहले साल 2015 में उन्हें भारत के दूसरे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया था.

पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 को हुआ जन्म

लालकृष्ण आडवाणी का जन्म पाकिस्तान के कराची में 8 नवंबर, 1927 में एक हिंदू सिंधी परिवार में हुआ था. उनके पिता का नाम किशनचंद आडवाणी और मां का नाम ज्ञानी देवी है. उन्होंने शुरुआती शिक्षा कराची के सेंट पैट्रिक हाई स्कूल से की थी. इसके बाद उन्होंने हैदराबाद के सिंध प्रांत में डीजी नेशनल स्कूल में दाखिला लिया. 2 सितंबर 1947 को कराची छोड़कर भारत आ गए. जिसके बाद उन्होंने लॉ कॉलेज ऑफ द बॉम्बे यूनिवर्सिटी से कानून की पढ़ाई की.

आडवाणी राजनीतिक सफर

आडवाणी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के स्वयंसेवक के रूप में की थी. 1947 में वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सचिव बने थे. साल 1970 में वो पहली बार राज्यसभा के सांसद बने. 1980 में भारतीय जनता पार्टी बनने के बाद आडवाणी सबसे ज्यादा समय तक बीजेपी के अध्यक्ष पद पर रहे.

1998 से 2004 तक बीजेपी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार में आडवाणी गृह मामलों के मंत्री रहे. इसके साथ ही 2002 से 2004 तक अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में वो उप प्रधानमंत्री रहे. भारतीय जनता पार्टी को भारतीय राजनीति में एक प्रमुख पार्टी बनाने में आडवाणी का बेहद अहम योगदान है.

 

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