कहां गए हिंदी के चौकीदार- सुधीश पचौरी

कहां गए हिंदी के चौकीदार- सुधीश पचौरी श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 000000 हिंदी दिवस आता है, तो मुझे कुछ-कुछ होने लगता है। कभी गर्व महसूस करता हूं, तो कभी गर्व से अधिक शर्म। गर्व होता है कि मैं उस महान भाषा का एक मामूली सा कलमघसीट हूं, जो भारत की तो सबसे बड़ी भाषा है…

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