ट्रेड डील के बाद पाक और चीन की बढ़ेगी टेंशन

ट्रेड डील के बाद पाक और चीन की बढ़ेगी टेंशन

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के बीच बुधवार को होने वाली महत्वपूर्ण मुलाकात भारत-अमेरिका द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य के रोडमैप को अंतिम रूप देने में निर्णायक साबित हो सकती है।

यह बैठक देर रात यानी भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह करीब दो बजे के आसपास होगी। इस दौरान दोनों नेता द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा करेंगे, जिसमें हाल ही में हुई ट्रेड डील के बाद आगे के सहयोग के क्षेत्र शामिल होंगे।

क्वाड शिखर सम्मेलन पर होगी बात

विशेष रूप से भारत में प्रस्तावित क्वाड शिखर सम्मेलन की स्थिति पर स्पष्टता आ सकती है। रूबियो के समक्ष भारतीय विदेश मंत्री की तरफ से भारत के उच्च शिक्षा प्राप्त पेशेवरों को दिए जाने वाले वीजा प्रक्रिया में हाल के महीनों में किये गये बदलाव का मुद्दा भी उठाएंगे।

इसके अलावा, इस महीने ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी जिनमें उप वाणिज्य सचिव जेफरी केसलर भी शामिल हैं भारत आ रहे हैं। वे भारत में होने वाले एआई इम्पैक्ट सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय ट्रेड डील से जुड़े शेष मुद्दों पर भी विस्तृत बातचीत होने जा रही है।

इस महीने ट्रंप प्रशासन का एक मजबूत दल भारत आएगा। सूत्रों के मुताबिक भारत व अमेरिका के बीच आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस (एआइ) के अलावा क्रिटिकल मिनिरल्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग से जुड़े विषयों पर बात होगी।

क्रिटिकल मिनरल्स व सेमीकंडक्टर पर सहयोग बढ़ेगा

सनद रहे कि बुधवार को अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो की अध्यक्षता में क्रिटिकल मिनिरल्स पर कुछ विशेष देशों की बैठक है जिसमें जयशंकर भी हिस्सा लेंगे। सूत्रों के मुताबिक ट्रेड डील पर सहमित बनने से दोनों देशों के संबंधों में आई असहजता दूर हो जाएगी।

संबंधों में पुरानी गर्मजोशी लौटने के पूरे आसार है। क्वाड बैठक को लेकर दोनों देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में बात होगी लेकिन दोनों देशों के लिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। अभी द्विपक्षीय कारोबार व निवेश को लेकर बनी अनिश्चतता को दूर करने पर ज्यादा फोकस है।

सनद रहे कि पिछले 9-10 महीनों में भारत और अमेरिका के रिश्तों में काफी तनाव आ गया था। इसका मुख्य कारण कारोबारी वार्ता में गतिरोध और अमेरिका द्वारा लगाए गए उच्च टैरिफ (50 फीसद तक) था, इससे द्विपक्षीय सहयोग को प्रभावित किया था।

पाकिस्तान का भी उठेगा मुद्दा

ट्रंप प्रशासन की तरफ से पाकिस्तान को वॉशिंगटन में महत्व दिये जाने और भारत के इनकार किये जाने के बावजूद ट्रंप की तरफ से भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध (आपरेशन सिंदूर) समाप्त करने का बार-बार दावा करने से भी भारत में चिंता बढ़ी थी।

हालांकि अमेरिका के नेतृत्व में क्रिटिकल मिनरल्स पर होने वाली अहम बैठक में पाकिस्तान को आमंत्रित नहीं किया गया है। यह स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका ने भारत की संवेदनशीलताओं का सम्मान किया है और रणनीतिक साझेदारी को प्राथमिकता दी है, जिससे संबंधों में नई गति आने की उम्मीद है।

बीती रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने पूरी दुनिया को खुशखबरी देते हुए भारत-यूएस ट्रेड डील की घोषणा कर दी। इस खबर से बजट सत्र के बीच सत्तापक्ष के सांसदों में भी खुशी की लहर दौड़ पड़ी है। NDA की बैठक से पहले सभी सांसदों ने मिलकर पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया है।

बजट सत्र शुरू होने से पहले आज दिल्ली में NDA के सभी सांसदों की बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में पीएम मोदी की एंट्री के साथ ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कई दिग्गज नेता रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आते ही बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन समेत कई नेताओं ने उन्हें फूलों की माला पहनाते हुए उनका स्वागत किया। इस खुशी के मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा समेत बीजेपी क सभी वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।NDA की बैठक में पीएम मोदी ने भी सभी सांसदों का अभिवादन किया है। संसदीय मामलों के मंत्री करेन रिजिजू के अनुसार, भारत-अमेरिका के बीच होने वाली ये ट्रेड डील एक ऐतिहासिक निर्णय है।

भारत-अमेरिका ट्रेड डील की घोषणा

बता दें कि ट्रंप ने बीती रात को पोस्ट शेयर करते हुए इस ट्रेड डील की जानकारी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी पोस्ट में लिखा, “भारत और अमेरिका ने ट्रेड डील को हरी झंडी दिखा दी है। अमेरिका ने भारत पर लगने वाला टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत करने का फैसला किया है।”

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