थावे मंदिर का सोने का मुकुट और हार 40 दिनों के बाद हुआ बरामद
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

थावे शक्तिपीठ मंदिर में हुई करोड़ों की ज्वेलरी चोरी का मामला आखिरकार सुलझ गया है. करीब 40 दिनों तक चली लगातार जांच और छापेमारी के बाद पुलिस ने चोरी की गई कीमती ज्वेलरी के साथ मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस के अनुसार, इस चोरी में अरार गांव का रहने वाला शरीफ साई मुख्य आरोपी है. उसके साथ उसके तीन साथी भी पकड़े गए हैं. गिरफ्तार लोगों में शरीफ आलम, उसका भाई चांद आलम, एक महिला और सिवान जिले के छोटपुर गांव का रहने वाला एजाज अली शामिल है.
मिट्टी में दबाकर छुपाई थी ज्वेलरी
पुलिस ने आरोपियों के पास से मंदिर के गर्भगृह से चुराए गए सोने और चांदी के कई आभूषण बरामद किए हैं. इनमें मां थावे भवानी का सोने का मुकुट, चांदी का हार, सोने का नेकलेस और छतरी शामिल हैं. यह ज्वेलरी मिट्टी में दबाकर छुपाई गई थी, जिसे आरोपी की निशानदेही पर बरामद किया गया.
थावे मंदिर परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि सदर-1 के एसडीपीओ प्रांजल त्रिपाठी के नेतृत्व में बनाई गई विशेष जांच टीम (SIT) ने तकनीकी जानकारी और स्थानीय सूत्रों की मदद से इस मामले का खुलासा किया. मुख्य आरोपी को उसके अरार स्थित घर से गिरफ्तार किया गया.
पुलिस ने क्या बताया

पुलिस ने बताया कि 17 और 18 दिसंबर की रात चोरों ने मंदिर के गर्भगृह में घुसकर एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की ज्वेलरी चोरी की थी. इस घटना के बाद बिहार एसटीएफ और एसआईटी ने मिलकर बिहार के कई जिलों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के गाजीपुर, मऊ, बनारस, प्रयागराज और गोरखपुर में भी छापेमारी की थी.
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी में और कौन-कौन लोग शामिल थे.

