लोकतंत्र की जननी ने चुनावी इतिहास रचा
दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर 68.79 प्रतिशत मतदान हुआ है
2020 चुनाव से 10% ज्यादा मतदान
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में मतदान के सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। दूसरे चरण में ऐतिहासिक 68.79 प्रतिशत वोटिंग हुई। हालांकि, यह फाइनल आंकड़ा नहीं है। चुनाव आयोग के अनुसार, अभी दो हजार बूथों से डेटा आना अभी बाकी है। ऐसे में दूसरे चरण का मतदान प्रतिशत और बढ़ेगा। पहले और दूसरे चरण के मतदान का औसत मिलाएं तो अभी तक 66.93 प्रतिशत है, जो कि बिहार में अब तक के चुनावी इतिहास में सबसे ज्यादा है।
बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने मंगलवार शाम पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि दूसरे चरण में 45399 बूथ थे। कुल मतदाताओं की संख्या 3.7 करोड़ थी। इनमें पुरुष मतदाता 1.95 करोड़ और महिला मतदाता 1.74 करोड़ थे। उन्होंने बताया कि अब तक कटिहार में सर्वाधिक 78.63 फीसदी, किशनगंज में 78.06 फीसदी और पूर्णिया में 76.04 फीसदी मतदान हुआ है।
गुंजियाल ने कहा कि यह पिछले विधानसभा चुनाव से 9.6 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें थोड़ी और बढ़ोतरी होगी। दूसरे चरण में 1302 उम्मीदवार थे। 1135 पुरुष और 136 महिला उम्मीदवार थे।
चुनाव आयोग के अनुसार पहले चरण की तरह दूसरे फेज में भी शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से मतदान हुआ। किसी भी जगह मतदान केंद्रों को शिफ्ट नहीं किया गया। महिला मतदाताओं ने इस बार अच्छी संख्या में मतदान किया है। सूत्रों के मुताबिक, पुरुष का मतदान प्रतिशत 61.56 और महिलाओं का 69.04 प्रतिशत रहा।
बिहार में वोटिंग के सभी भी रिकॉर्ड टूटे
लोकतंत्र की जननी कहे जाने वाले बिहार (वैशाली) में विधानसभा चुनाव 2025 में दो चरणों में 6 और 11 नवंबर को मतदान हुआ। पहले चरण में 18 जिलों की 121 सीटों पर कुल 65.08 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। यह आंकड़ा बिहार में अब तक हुए सभी विधानसभा और लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा रहा। अब दूसरे चरण में मंगलवार को 20 जिलों की 122 सीटों पर वोटिंग हुई। इसमें पहले फेज का रिकॉर्ड भी टूट गया।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बाद एक बार फिर नीतीश कुमार की ही सरकार बनने के आसार हैं. अब तक 15 एग्जिट पोल आये हैं, जिसमें 14 ने नीतीश कुमार की अगुवाई वाले एनडीए को बहुमत से अधिक सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया है. एनडीए को सबसे कम सीटें एक ऐसी एजेंसी ने दी है, जिसका नाम कभी नहीं सुना गया था. इस एजेंसी ने एनडीए को 100 से 110 और महागठबंधन को 130 से 140 सीटें मिलने का अनुमान व्यक्त किया है. हालांकि, बाकी के 14 एग्जिट पोल में भाजपा को कम से कम 133 और अधिकतम 209 सीटें मिलने की संभावना जतायी है.
2015 और 2020 के चुनावों में फेल हुए थे सभी एग्जिट पोल
वर्ष 2020 और वर्ष 2015 में भी कई एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी किये थे. हालांकि, पिछले दोनों चुनावों में सारे एग्जिट पोल फेल हो गये थे. वर्ष 2015 में एग्जिट पोल में एनडीए गठबंधन की सरकार बनने की बात कही गयी थी, तो वर्ष 2020 में महागठबंधन की सरकार बनने की संभावना जतायी गयी थी. दोनों ही चुनावों में जब परिणाम आये, तो एग्जिट पोल के नतीजे गलत साबित हुए.
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