पश्चिम चंपारण के मैनाटाड़ प्रखंड में तीन दिनों में 200 से अधिक कौओं की रहस्यमय मौत से दहशत फैल गई है
बिहार में बीते तीन दिनों से रहस्यमय ढंग से कौओं की मौत हो रही है
श्रीनारद मड़िया सेंट्रल डेस्क

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मैनाटाड़ प्रखंड मुख्यालय एवं आसपास के गांवों में बीते तीन दिनों से रहस्यमय ढंग से कौओं की मौत हो रही है। संक्रामक रोग फैलने की आशंका से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
गांव व आसपास के इलाकों में सड़क किनारे, खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में कौए मरे मिल रहे हैं। इससे बर्ड फ्लू की आशंका जताई जा रही है। गुरुवार को ही करीब दो दर्जन कौओं की मौत हो गई। तीन दिनों में दो सौ से अधिक की मौत हो चुकी है।
ग्रामीण नंदन कुमार, दिलीप कुमार, शिवनाथ केसरी और बद्री साह का कहना है कि पहले कभी इस तरह कौओं की मौत नहीं देखी। स्वस्थ दिखने वाले कौए कुछ ही देर में जमीन पर गिरकर दम तोड़ दे रहे।
घटना के बाद ग्रामीण बच्चों को बाहर निकलने से रोक रहे हैं। पशु-पक्षियों से दूरी बना रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से जांच करने के साथ इसे लेकर एहतियाती कदम उठाने की मांग की है।
इस संबंध में मैनाटाड़ प्रखंड के भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी डा. अरमानुल्लाह ने बताया कि जांच की जा रही है कि किस वजह से कौओं की मौत हो रही है। मृत कौए का सैंपल पटना भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
पूर्व में भी मिले थे मामले
बीते दिनों दरभंगा में भी कुछ स्थानों पर मरे कौए पाए गए थे। जांच के लिए सैंपल कोलकाता रीजनल डिजीज डायग्नोस्टिक लेबोरेटरी भेजे गए थे। जांच में किसी भी प्रकार के संक्रामक रोग (एवियन इन्फ्लुएंजा या बर्ड फ्लू) की पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षित निस्तारण की अपील
विभाग ने एहतियात के तौर पर मृत कौओं का निस्तारण सुरक्षित एवं वैज्ञानिक विधि से करने की अपील की है। कहाकि प्रभावित स्थलों एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई व सैनिटाइजेशन करें। किसी भी असामान्य घटना या पक्षियों की मृत्यु की सूचना मिलने पर नजदीकी पशु चिकित्सा संस्था या जिला प्रशासन को अविलंब जानकारी दें।
विगत चार दिनों से कौओं की मौत हो रही
प्रखंड मुख्यालय से सटे मेला चौक,मैनाटाड़ गांव में विगत चार दिनों से कौओं की मौत हो रही है।लगातार कोओं की हो रही मौत से लोगों में दहशत कायम है। लोगों में बर्ड फ्लू की आशंका से सहमे हुये है।
मैनाटाड़ मेला चौक गांव व आसपास के इलाकों में सड़क किनारे, खेतों और आबादी वाले क्षेत्रों में लगातार मृत कौयें मिल रहे है। सुबह जब लोग जगते हैं उसके बाद मृत कोओं को देख रहे हैं।
स्थानीय ग्रामीण महादेव राम,नंदन कुमार, दिलीप कुमार, शिवनाथ केसरी आदि ने बताया कि पहले कभी इस तरह कौओं की अचानक मौत नहीं देखी गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि स्वस्थ दिखने वाले कौए कुछ ही देर में जमीन पर गिरकर दम तोड़ देते हैं।घटना के बाद ग्रामीण बच्चों को बाहर निकलने से रोक रहे हैं और पशु-पक्षियों से दूरी बना रहे हैं।

