पुलिस प्रशासन कुछ नही किया हमारे भाई को मरवा दिया : पीडित बहनें
श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर, छपरा (बिहार):

पुलिस प्रशासन कुछ नही किया सब घुस खा के बैठा है हम गरीब असहाय है तभी न सब के सब मिलकर भाई को मरवा दिया,मर गया तो कुत्ता लेकर आया है सब खोजने उतने दिन से मर गया था पुलिस प्रशासन मेरा सोना जैसा भाई घर के चिराग को बुझा दिया।
यह बेदना सपना व तनु उस बहन की है जिसका एकलौता भाई को अपराधियो ने हत्या कर घर से डेढ़ किलोमीटर दूरी पर सुनसान तरवाना के बीच घने झाड़ी में फेंका था।निशिचित रूप से इस घटना से परिजन समेत ग्रामीणों में काफी आक्रोस है।गांव में मातम छाया हुआ है।
पुलिस उसे ढूढने में हर एंगल से जांच कर रही थी।बावजूद उसे सकुशल बरामद करने में नाकाम रही।वही घटना से परिजनों में कोहराम मची हुई है।ऐसे तो परिजन के घर ग्यारह दिन से घर मे बच्चा के शोक में चूल्हा नही जला है।घटना के ग्यारह दिन बाद भी बच्चे को सकुशल बरामद न करना पुलिस के लिए गभीर सवाल है।
सात बहनों में इकलौता भाई था शिवम मई 2026 में चौथी बहन की शादी दिन तय था
मृतक युवक शिवम के पिता राजन गुप्ता अपहर शिवालय के पास चाय दुकान चलाकर अपने घर के जीविकोपार्जन करते थे।पत्नी दिल्ली में एक निजी कम्पनी में काम करती थी।पुत्र के लापता होने की घटना सुन घर आई।
ये समाजिक के साथ हँसमुख मृदुभाषी लोग है।इन्हें किसी से बैर नही था।सात पुत्री के बाद काफी मन्नत से एक पुत्र की प्राप्ति हुई थी।इसे अपने पास रख बड़ी जतन से पढ़ते लिखाते थे।बच्चा परिवार के आखों का तारा था।घर के पास खेल रहा था हर दिन की तरह आखिर कौन है वह आदमखोर जिसने इस बच्चे को उठाया।परिजनों के साथ स्थानीय लोगो ने बताया कि पुलिस अच्छा से प्रयास किया होता तो बच्चा सकुशल बरामद हो सकता था।बारह दिनों तक अपराधीओ ने बच्चा को छुपा कर रखा था ।पुलिस के दबिश के कारण उसकी बेरहमी से हत्या कर शव को झाड़ी में फेंक दिया।
बच्चे के वियोग में शिवम के माता पिता बहन के रो रो कर बुरा हाल है।
राजन गुप्ता रोते बिलखते बताया कि बच्चा के लिए किसके किसके दर पर नही गया जो जैसा कहा वैसा किया।मेरा कलेजे के टुकड़ा किसी तरह सामने आ जाय।कोई मदद नही किया।मैन किसके दुःख सुख में नही रहा।यहां तक स्थानीय जनप्रतिनिधि भी कोई सुधि लेने नही आये अगर उनका दबाव होता तो अधिकारी सक्रिय रूप से बच्चे को ढूढने का काम करती।मैं गरीब हु इसलिए कोई मदद के लिए नही आया।लाश मिलते ही सब लोग आ गए।आब तो मेरा सबकुछ खत्म हो गया।उन्होंने कहा ना किसी से बैर था ना किसी से कोई दुश्मनी किसको कहे क्या कहे।जमीन जयदाद है नही की जमीन का झगड़ा है।
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आखिर वह कौन महिला है जिसने सबसे पहले शव को देखा
12 दिनों से लापता बच्चा 11 वर्षीय शिवम का शव फिरोजपुर जहरी सती गांव के निकट नहर किनारे तरवाना के घने झड़ी के बीच पाया गया।जहाँ लोग दिन में भी जाना मुनासिब नही समझते।पुलिस को 12 दिनों में सकुशल नही मिल पाया।अचानक रविवार की संध्या में कैसे पता चला कि शव वहाँ है।वह महिला कौन है।जिसने उसे सबसे पहले देखा,वह महिला संध्या में क्या करने गई ,अंदर कैसे पता चला उसको की शव पड़ा है।हर लोग के जुबान पर यह प्रश्न बना हुआ है।पुलिस देर रात्रि शव को लेकर पोस्मार्टम के लिए छपरा भेज दिया।छपरा फेस कंपोज की सुविधा नही होने से शव अन्तःपरिक्षण के लिए पटना पीएम सी एच ले कर जाय गया।समाचार लिखे जाने तक पोस्मार्टम से शव नही आया था।
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