
19 जनवरी सोमवार से गुप्त नवरात्र का शुभारंभ, साधना और तंत्र आराधना का विशेष पर्व
श्रीनारद मीडिया, दारौंदा, सीवन (बिहार)।
हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष माघ माह की प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी सोमवार से गुप्त नवरात्र का शुभारंभ हो रहा हैं, जो नौ दिनों तक चलेगा। यह नवरात्र विशेष रूप से साधकों, तांत्रिकों और शक्ति उपासकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। गुप्त नवरात्र में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की आराधना गुप्त रूप से की जाती है, इसलिए इसे “गुप्त नवरात्र” कहा जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वर्ष में चार बार नवरात्र आते हैं, जिनमें से चैत्र और शारदीय नवरात्र सार्वजनिक रूप से मनाए जाते हैं, जबकि माघ और आषाढ़ माह के नवरात्र गुप्त नवरात्र कहलाते हैं। इन दिनों में विशेष रूप से सिद्धि, साधना, मंत्र-जाप, तंत्र पूजा और अनुष्ठानों का महत्व होता है। माना जाता है कि इस दौरान की गई सच्चे मन से साधना शीघ्र फल प्रदान करती है।
गुप्त नवरात्र में मां काली, मां तारा, मां त्रिपुरसुंदरी सहित दस महाविद्याओं की उपासना का विशेष महत्व है। कई साधक इस अवधि में मौन व्रत, उपवास, रात्रि जागरण और हवन-पाठ करते हैं। मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना, चंडी पाठ और दुर्गा सप्तशती का पाठ आयोजित किया जाता है, हालांकि इन नवरात्रों मे साधना अधिक होती है।
पंडितों के अनुसार गुप्त नवरात्र आत्मशुद्धि, मानसिक शक्ति और आध्यात्मिक उन्नति का श्रेष्ठ अवसर है। इन दिनों संयम, सात्विक भोजन, ब्रह्मचर्य और नियमों का पालन करने से साधक को विशेष लाभ प्राप्त होता है। गुप्त नवरात्र के समापन पर नवमी तिथि को कन्या पूजन और हवन के साथ व्रत का पारण किया जाता है।
गुप्त नवरात्र भक्तों के लिए शक्ति आराधना, साधना और आत्मिक बल प्राप्त करने का पावन अवसर हैं।

