विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग केसरिया पहुंचा
विराट रामायण मंदिर में होगा स्थापित
210 मीट्रिक टन वजन, 33 फुट लंबाई
विश्व का सबसे विशाल सहस्त्रलिंगम शिवलिंग
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग पहुंच चुका है. यह 33 फीट ऊंचा और 210 टन वजनी ब्लैक ग्रेनाइट का एक ही पत्थर से निर्मित सहस्त्रलिंगम है, जो तमिलनाडु के महाबलीपुरम से लंबी यात्रा तय कर गोपालगंज होते हुए यहां पहुंचा है. बता दें कि तमिलनाडु से विशेष ट्रेलर पर लादकर लाया गया यह विशाल शिवलिंग गोपालगंज पहुंचने पर भक्तों ने भव्य स्वागत किया गया. जहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद इसे खजुरिया और हुसैनी मार्ग से केसरिया के लिए रवाना किया गया. वहीं, यात्रा के दौरान जगह-जगह श्रद्धालु ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगाते रहे.
शिवलिंग पर होगी हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा
17 जनवरी को विराट रामायण मंदिर परिसर में शिवलिंग की पीठ पूजा, हवन और विधि-विधान से स्थापना की जाएगी. इस विशेष पूजा में कैलाश मानसरोवर, हरिद्वार, सोनपुर, प्रयागराज और गंगोत्री के पवित्र जल से जलाभिषेक होगा. इसके अलावा हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा भी की जाएगी. जहां प्राण प्रतिष्ठा मंदिर पूरा होने के बाद होगी.

पद्मश्री आचार्य किशोर कुणाल का ड्रीम प्रोजेक्ट विराट रामायण मंदिर 120 एकड़ में फैला है. जहां 2030 तक पूरा होने पर यह विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक स्मारक बनेगा, जिसमें 18 मंदिर और ऊंची मीनारें होंगी. यह शिवलिंग मंदिर का मुख्य आकर्षण होगा, जो धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देगा.
महाबलीपुरम से कैथवलिया: भक्ति की महायात्रा
तमिलनाडु के महाबलीपुरम की धरती पर पिछले 10 वर्षों से तराशा जा रहा यह शिवलिंग, करीब 2500 किलोमीटर की लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा तय कर बिहार पहुंचा है. जब 96 चक्कों वाला विशाल ट्रक इस शिवलिंग को लेकर कैथवलिया गांव पहुंचा, तो भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा. हर आंख उस दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए आतुर थी और हर हाथ उस काले ग्रेनाइट से बने शिवलिंग को स्पर्श कर महादेव का आशीर्वाद लेने को लालायित दिखा.
इसके निर्माण में दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली का उपयोग किया गया है, जो उत्तर और दक्षिण भारत के सांस्कृतिक मिलन का प्रतीक है. इस अलौकिक शिवलिंग को तैयार करने में करीब 3 करोड़ रुपये की लागत आई है.
करीब 210 मीट्रिक टन वजनी यह शिवलिंग पूरी तरह ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है और इसे विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग माना जा रहा है. शिवलिंग की ऊंचाई और लंबाई 33 फुट है. इसे महाबलीपुरम में विशेष तकनीक और शिल्पकला के जरिए तैयार किया गया. लगभग 30 दिनों में 2178 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर शिवलिंग पहुंचा है.
बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सचिव सायन कुणाल ने बताया कि 17 जनवरी को माघ कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर इसकी विधिवत स्थापना की जाएगी. उन्होंने कहा कि विराट रामायण मंदिर का निर्माण कार्य साल 2030 तक पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद यह भव्य मंदिर श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा.

