नई टेक्नोलॉजी से डरने की जरूरत नहीं है- पीएम मोदी

नई टेक्नोलॉजी से डरने की जरूरत नहीं है- पीएम मोदी

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों से कहा कि उन्हें किसी भी नई टेक्नोलॉजी से डरने से जरूरत नहीं है, बस उसे अपना मालिक न बनने दें। यह चाहे मोबाइल हो या फिर एआई या भविष्य में आने वाली कोई टेक्नोलॉजी हो।

मोबाइल के गुलाम बन रहे बच्चे: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने इस दौरान बच्चों में देखी जा रही मोबाइल लत का उदाहरण दिया और कहा कि कुछ बच्चे ऐसे हो गए हैं, जो मोबाइल के इतने गुलाम हो गए हैं कि मोबाइल नहीं तो खाना नहीं खा सकते। टीवी नहीं है तो वो जी नहीं सकते है।

पीएम ने इस दौरान बच्चों को अच्छे लीडर बनने का मंत्र भी दिया और कहा कि लीडर बनने का मतलब सिर्फ चुनाव लड़ना या राजनीतिक दल बनाना नहीं है, बल्कि हम अपनी बात लोगों पर बगैर थोपे कैसे समझा पाए, यह भी होता है।

पीएम मोदी की परीक्षा पे चर्चा

पीएम मोदी परीक्षा पे चर्चा के नौवें संस्करण के दूसरे एपिसोड में देश के अलग- अलग हिस्सों के छात्रों से परीक्षा व जीवन से जुड़ी चुनौतियों पर बात करे हैं। साथ ही उनके सवालों का जवाब दे रहे थे।

कोयंबटूर, रायपुर, गुजरात व गुवाहाटी में छात्रों के साथ बातचीत में एआई से जुड़े सवाल पर पीएम ने कहा कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ) जैसी उभरती टेक्नोलॉजी से डरने की नहीं. उनका इस्तेमाल अपने स्किल्स को बेहतर बनाने व क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहिए।

प्रधानमंत्री ने छात्रों से परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने और अच्छी नींद लेने की सलाह दी ‘परीक्षाओं की अच्छी तैयारी के बाद आपको कभी तनाव महसूस नहीं होगा। अच्छी नींद आपको बाकी दिन खुश रखेगी।’

पीएम मोदी से इस दौरान एक बच्चे ने पूछा कि हम बच्चों से ऐसी कौन ही क्वालिटी की उम्मीद करते हैं, जो हमारे अंदर होनी चाहिए। जैसे लीडर के रूप में?

पीएम ने कहा कि ‘देखिए लीडर से पहले निडर बनिए। जो काम है, मन में तय करिए। कोई करे या न करे, उसे करिए। लीडरशिप में एक क्वालिटी होना बहुत जरूरी है कि आप दस लोगों को अपनी बात समझाए, थोपे नहीं।’

कैरियर चुनने से जुड़े सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, ‘लगातार बदलती ख्वाहिशों से परिवार कन्फ्यूज हो जाते हैं लेकिन सफल लोगों से इंस्पायर होना नैचुरल है। किसी की सिर्फ अचीवमेंट्स ही नहीं देखनी चाहिए, बल्कि सफलता के पीछे की कोशिश और डिसिप्लिन को भी देखना चाहिए।’

पीएम ने कहा, ‘सच्ची सफलता खुद ही शोर मचाती है। जैसे कोई नंबर वन बन जाता है, तो पूरा स्कूल, गांव और कम्युनिटी उसे पहचान लेगी।’

गौरतलब है कि पीएम मोदी का छात्रों के साथ परीक्षा पे चर्चा के पहले एपिसोड का प्रसारण 6 फरवरी को किया गया था।

पीएम ने कहीं ये भी बड़ी बातें

  • पढ़ाई और पैशन के बीच बैलेंस बनाए। यानी खेल में रूचि है, तो पढ़ाई को अंडरएस्टीमेट करने की गलती न करें। वहीं शिक्षा ही सब कुछ कर लेगी, ऐसा भी नहीं है। आप में जो हुनर है उसे डेवलप करते रहना चाहिए।
  • हमें विकसित भारत बनाने के लिए विकसित देशों जैसी आदतें अपनानी चाहिए। जैसे हमें रेड लाइट पर इंजन बंद कर देना चाहिए, हमें खाना बर्बाद नहीं करना चाहिए। जिंदगी में डिसिप्लिन बहुत जरूरी है।
  • अगर आप किसी महान व्यक्ति से पूछेंगे, तो वे कहेंगे कि उनकी मां और टीचरों ने उनकी जिंदगी को बनाने में मदद की। पीएम ने भी छात्र जीवन के दिनों में अपने शिक्षकों की भूमिका को याद किया।
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