बिहार मेंअफसर और आम लोगों की फेस टू फेस होगी बात

बिहार मेंअफसर और आम लोगों की फेस टू फेस होगी बात

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
previous arrow
next arrow

बिहार में आज से नया सिस्टम लागू हो गया है. अब हफ्ते में दो दिन सोमवार और शुक्रवार को अफसर और आम लोग फेस टू फेस बातचीत करेंगे. आम लोग अपने प्रॉब्लम्स को अफसर के सामने रखेंगे, जिसका जल्द से जल्द सॉल्यूशन भी किया जाएगा. इसकी शुरुआत  हो रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी घोषणा शनिवार को ही की थी.

इसके बाद मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश जारी किया था. साथ ही सभी सरकारी ऑफिस में आम जनता के प्रॉब्लम्स सुनने के लिए दिन और समय तय कर दिया गया था. इस दौरान सभी सरकारी ऑफिस में आने वाले लोगों के लिए जरूरी फैसिलिटी (जैसे- पीने के लिए पानी, बैठने की जगह, टॉयलेट) रहेगी.

इन ऑफिस में अफसर से मिल सकेंगे लोग

यह बैठक हर हफ्ते में सोमवार और शुक्रवार को होगी. इसमें ग्राम पंचायत, थाना, अंचल, प्रखंड, अनुमंडल, जिला, प्रमंडल और राज्य के सभी ऑफिस में आम लोग संबंधित पदाधिकारी से उनके वर्क प्लेस या ऑफिस में मिलकर अपनी प्रॉब्लम्स बता सकेंगे.

क्या होगी पूरी प्रक्रिया?

पूरी प्रक्रिया को लेकर बताया गया कि अधिकारियों से मिलने के लिए आने वाले लोगों से मिली शिकायतों को शिकायत रजिस्टर में नोट किया जाएगा. इसके साथ ही उनसे मिली सभी शिकायतों के निपटारे की लगातार मॉनिटरिंग भी की जाएगी.

यह सुविधा भी लोगों को मिलेगी

अगर ऐसा कंडीशन होता है कि अफसर किसी जरूरी कारण से सोमवार और शुक्रवार को ऑफिस में नहीं रह पाते हैं तो उनकी जगह कोई ऑथोराइज्ड अधिकारी लोगों से मिलेंगे और उनकी शिकायतें सुनेंगे.

अधिकारी से मिलने के लिए बनवाना होगा पास

सचिवालय में अधिकारियों से मिलने के लिए सभी मेन एंट्री पर गेट पास बनवाना होगा. विभाग के अपर मुख्य सचिव से लोग सोमवार को दोपहर चार बजे से पांच बजे तक मिल सकेंगे. जबकि शुक्रवार को सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक मुलाकात की जा सकेगी.

क्या है ‘सीधी मुलाकात’ की नई व्यवस्था?

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे जनता से मुलाकात के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें और उस अवधि में अनिवार्य रूप से कार्यालय में उपस्थित रहें। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक नागरिक की बात सुनी जाए और उनकी समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लिया जाए। किसी भी तरह की लापरवाही या टालमटोल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!