बिहार के तीन जिलों में निगरानी थाना खुलेगा,क्यों?
घूसखोरों के खिलाफ बिहार सरकार जीरो टॉलेरेंस की नीति अपना रही है
श्रीनारद मीडिया सेन्ट्रल डेस्क

बिहार में भ्रष्टाचार को खत्म करने और घूसखोरों के खिलाफ सरकार जीरो टॉलेरेंस की नीति अपना रही है. इसी को लेकर बिहार सरकार की तरफ से खास प्लानिंग की गई और राज्य के तीन जिलों में निगरानी थाना खोलने की प्लानिंग की गई है. निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने यह जानकारी दी.
इन तीन जिलों में खुलेंगे निगरानी थाना
अरविंद कुमार चौधरी ने बताया कि बिहार से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम अच्छा काम कर रही है. जल्द ही बिहार के तीन जिलों पूर्णिया, अररिया और कटिहार में निगरानी थाना खोला जाएगा. स्पीडी ट्रायल पर खास ध्यान दिया जा रहा है. राज्य में केस की संख्या को देखते हुए कोर्ट की संख्या बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पर बढ़ा लोगों का विश्वास
एक वर्कशॉप के दौरान निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव ने यह भी बताया कि जो नए आपराधिक कानून लागू हुए हैं, उससे अपेक्षा है कि तीन साल के अंदर ही कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाए. विभाग की तरफ से अच्छा काम किया जा रहा है. निगरानी अन्वेषण ब्यूरो पर लोगों का विश्वास बढ़ा है. यह विभाग लगातार अपने रिकॉर्ड तोड़ रहा है.
दर्ज मामलों का कराया जाएगा स्पीडी ट्रायल
अरविंद कुमार चौधरी ने यह भी कहा कि बिहार केसों की संख्या बढ़ती जा रही है. इसका कारण लोगों के बीच जागरुकता है. शिकायत मिलते ही कार्रवाई की जा रही है. निगरानी थानों में जो केस दर्ज किए जा रहे हैं, उसका स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा. इस तरह से घूसखोरों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है. बिहार से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए सरकार ने जीरो टॉलेरेंस की नीति के तहत यह प्लान तैयार कर लिया है.

