बिहार में वादों को पूरा करने के लिए कहां से आयेगा पैसा?

बिहार में वादों को पूरा करने के लिए कहां से आयेगा पैसा?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजे आने के साथ ही राज्य के वित्त विभाग राजकोषीय के गणित की चर्चा हो रही है क्योंकि सरकार गठन के बाद एनडीए के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने के लिए संसाधन भी जुटाने होंगे। ऐसे में एक बार फिर शराबबंदी को लेकर फिर बात हो रही है।

दरअसल, घोषणापत्र में किए वादों के मुताबिक, राज्य के 74 लाख किसानों, अनसूचित जाति के छात्रों के साथ-साथ अन्य लोगों को धनराशि देने होगी। इसके अलावा दो ग्रीनफील्ड शहरों (नया पटना और सीतापुरम) के निर्माण और कृषि बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए पूंजीगत व्यय भी करना होगा।

पिछले साल सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के 9.2% के अनुमानित राजकोषीय घाटे और इस साल राज्य के सकल घरेलू उत्पाद के 5.3% के बजट वाले राज्य में, नीतीश कुमार की ओर से 2016 में लगाई गई शराबबंदी की समीक्षा की चर्चा हो रही है।

एनडीए के सामने मुश्किलें कम नहीं

  • एनडीए के लिए शराबबंदी वापस लेना या इस पर से प्रतिबंध हटाना आसान नहीं होगा क्योंकि शराबबंदी समर्थक महिला मतदाताओं में इसकी अच्छी पकड़ है। लेकिन राजस्व की अपार संभावना है क्योंकि राज्य सरकार 2015-16 में शराब की बिक्री से सालाना 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा कमा रही थी – जो किसानों को अतिरिक्त प्रत्यक्ष हस्तांतरण के लिए जरूरी 2,200 करोड़ रुपये की भरपाई के लिए पर्याप्त रकम से ज्यादा है।
  • मौजूदा कीमतों को अगर देखा जाए तो यह राशि और भी ज्यादा होगी। किसी भी स्थिति में, मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत वर्तमान में नामांकित 1.5 करोड़ महिलाओं के लिए 10,000 रुपये की चुनाव-पूर्व घोषणा पर 15,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • इसके अलावा, 1.1 करोड़ बुजुर्गों, विधवाओं और विकलांगों के लिए मासिक पेंशन बढ़ाकर 1,100 रुपये करने से लगभग 8,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा, साथ ही लगभग 4,000 करोड़ रुपये 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली के लिए दिए जाने की संभावना है।
  • पहले से लागू योजनाओं के कारण अतिरिक्त 28,000 करोड़ रुपये के खर्च से आगे निकल जाएगा। एनडीए के घोषणापत्र में कॉलेजों में पढ़ने वाले अनुसूचित जाति के छात्रों को 2,000 रुपये की सहायता और मछुआरों को सहायता देने का वादा भी किया गया है।

परिणामस्वरूप, बिहार के लिए इस वर्ष राज्य सकल घरेलू उत्पाद के 3% के बजटीय राजकोषीय घाटे के साथ वित्तीय वर्ष समाप्त करना संभव नहीं है, जब तक कि वह अन्य व्ययों में कटौती न कर सके या नए स्रोतों से संसाधन न जुटा सके। आखिरकार, 60% व्यय पहले से ही ब्याज भुगतान, वेतन और पेंशन तथा अन्य स्थापना-संबंधी खर्चों में लगा हुआ है, इसलिए विकल्प बहुत कम हैं।

1. पंचामृत गारंटी: सत्ताधारी एनडीए ने अपने घोषणा पत्र में गरीबों के लिए ‘पंचामृत गारंटी’ का वादा किया है. इसके तहत वादा किया गया है कि गरीबों को मुफ्त राशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देंगे.

2. 50 लाख नए पक्के मकान और सामाजिक सुरक्षा पेंशन भी दी जाएगी.

3. एक करोड़ से अधिक नौकरी और रोजगार का वादा किया है. यह वादा किया गया है कि हर युवा को नौकरी और रोजगार देंगे.

4. हर जिले में अत्याधुनिक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगाने, 10 नए औद्योगिक पार्क विकसित करने, कौशल जनगणना कराकर कौशल आधारित रोजगार देने का वादा भी एनडीए ने किया है.

5. हर जिले में मेगा स्किल सेंटर से बिहार को ग्लोबल स्किलिंग सेंटर के रूप में स्थापित किया जाएगा.

6. कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 3000 रुपये वार्षिक दिया जाएगा. सभी प्रमुख फसलों की पंचायत स्तर पर एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाएगी और प्रखंड स्तर पर फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने के साथ ही एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर में एक लाख करोड़ का निवेश किया जाएगा. दुग्ध मिशन शुरू कर चिलिंग और प्रोसेसिंग सेंटर प्रखंड स्तर पर स्थापित किए जाएंगे.

7. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाएगी. एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लेकर काम करेंगे. मिशन करोड़पति के जरिये चिह्नित उद्यमियों को करोड़पति बनाने की दिशा में काम करेंगे.

8. केजी से पीजी तक मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देंगे. स्कूलों में मिड-डे-मिल के साथ पौष्टिक नाश्ता और स्कूलों में आधुनिक स्किल लैब की व्यवस्था करेंगे. गरीबों को पांच लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देंगे.

9. सात एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे. 3600 किलोमीटर रेल ट्रैक का आधुनिकीकरण किया जाएगा. चार नए शहरों में मेट्रो सेवा शुरू की जाएगी. अमृत भारत एक्सप्रेस और नमो रैपिड रेल सेवा का विस्तार करेंगे.

10. 10 नए शहरों से घरेलू उड़ानें भी शुरू की जाएंगी. पटना के करीब ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के साथ ही दरभंगा, पूर्णिया और भागलपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाया जाएगा.

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