कौन है शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक मनीष?
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क
पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में जांच लगातार तेज हो रही है. रविवार को SIT यानी विशेष जांच टीम एक्शन में दिखी. टीम प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंची. शनिवार को टीम शंभू गर्ल्स हॉस्टल भी पहुंची थी. जहां से पुलिस को कई अहम जानकारियां हाथ लगी. सबके मन में बस यही सवाल है कि कौन है शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक? वह क्या करता है?
कहां का रहने वाला है मनीष चंद्रवंशी?
शंभू गर्ल्स हॉस्टल का मालिक का नाम मनीष चंद्रवंशी है. मनीष मूल रूप से जहानाबाद जिले का रहने वाला है. साल 2020 में वह जहानाबाद से पटना आया था. पटना आने के बाद उसने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में नौकरी शुरू की. वहां वह फोर्थ ग्रेड स्टाफ के तौर पर काम करता था. उस वक्त उसकी मासिक सैलरी करीब 15 हजार रुपये थी.
ऑक्सीजन सप्लाई की एजेंसी भी शुरू की
कोरोना काल के दौरान मनीष ने ऑक्सीजन सप्लाई की एजेंसी शुरू की. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इसके लिए पैसा कहां से आया. एजेंसी का टेंडर किसने दिया. इस दौरान मनीष की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव हुआ. आज मनीष के नाम पर पटना में कई जमीन और बिल्डिंग्स बताई जा रही हैं. जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में आंकी जा रही है. इतना ही नहीं, मनीष अपने गांव से मुखिया का चुनाव लड़ने की तैयारी में भी था.
मनीष पर पहले से भी है मुकदमा
मनीष का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है. उसके खिलाफ शादी समारोह में हर्ष फायरिंग का मामला दर्ज है. उस घटना में गोली चलने से एक युवक घायल भी हुआ था. पुलिस अब मनीष से जुड़े पुराने मामलों की भी जांच कर रही है.
शंभू गर्ल्स हॉस्टल पहुंची छात्राएं
जिस शंभू गर्ल्स हॉस्टल में छात्रा रह रही थी, वहां रहने वाली दूसरी छात्राएं भी रविवार को हॉस्टल के बाहर पहुंचीं. छात्राएं अपने माता-पिता के साथ अपना सामान लेने आई थीं. लेकिन हॉस्टल सीज है. अंदर ताला लगा हुआ है. सभी का सामान अंदर ही पड़ा है. पुलिस छात्राओं को थाने बुला रही है. इससे छात्राओं की परेशानी और बढ़ गई है.
- संदिग्ध मौत और यौन उत्पीड़न के आरोप: पटना के चितरंजन नगर स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली जहानाबाद की एक छात्रा (NEET एस्पिरेंट) 9 जनवरी 2026 को बेहोशी की हालत में मिली थी। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने इसे हत्या और यौन उत्पीड़न (Rape/Assault) का मामला बताया है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सनसनीखेज खुलासे: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टर ने साफ संकेत दिए हैं कि छात्रा के साथ मौत से पहले यौन हिंसा हुई थी। रिपोर्ट में शरीर पर संघर्ष के निशान, प्राइवेट पार्ट में चोट और टिश्यू ट्रॉमा का जिक्र है, जिससे यह साफ होता है कि यह केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या से पहले की दरिंदगी का मामला है।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पहले पुलिस की सुस्ती: घटना के चार दिनों तक पुलिस इस मामले को आत्महत्या (Suicide) की थ्योरी पर दबाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगे।
- हॉस्टल वार्डन/मालिक की गिरफ्तारी: भारी हंगामे के बाद पुलिस ने हॉस्टल वार्डन/मालिक मनीष रंजन को गिरफ्तार किया।
- प्रशासन पर सवाल और हंगामा: इस घटना के बाद परिजनों ने शव के साथ पटना में विरोध प्रदर्शन किया। बिहार में बेटियों की सुरक्षा को लेकर विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला है और पूरे मामले की जांच SIT (Special Investigation Team) से कराने की बात की जा रही है।
- जांच का दायरा: अब पुलिस मामले में हॉस्टल प्रबंधन की भूमिका, मोबाइल सर्च हिस्ट्री, और CCTV फुटेज की गहन जांच कर रही है।

