युवा वर्ग हम साथ समय के चलकर स्वयं दिखाएंगे, हम संस्कृति के लिए विवेकानंद स्वयं बन जाएंगे: प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ
राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर छपरा मंडल कारा में हुआ प्रेरणादायक आयोजन:
श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, छपरा (बिहार):

मंडल कारा में निरुद्ध युवाओं को आत्मचिंतन, आत्मबल, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक जीवन दृष्टि से जोड़ने के उद्देश्य से स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य में छपरा मंडल कारा परिसर में एक अत्यंत प्रेरणादायक, भावनात्मक और आत्ममंथन से भरपूर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। क्योंकि मंडल कारा में अधिकांश बंदी युवा वर्ग से हैं, इसलिए यह कार्यक्रम उनके जीवन में परिवर्तन की नई राह दिखाने का सशक्त माध्यम बना। “युवा वर्ग हम साथ समय के चलकर स्वयं दिखाएंगे, हम संस्कृति के लिए विवेकानंद स्वयं बन जाएंगे” जैसे भावपूर्ण शब्दों से कार्यक्रम की शुरुआत प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, सारण के कुमार शशि राज द्वारा प्रस्तुत प्रेरक गीतों से हुई। जिसके बाद पूरा वातावरण ऊर्जा, संकल्प और सकारात्मकता से भर गया।
अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज (हरिद्वार) के तत्वावधान में प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, सारण द्वारा आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर एन चौधरी, विकास कुमार सिंह, अभिनंदन कुमार और चंदन कुमार सहित कई अन्य वक्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी के विचार आज भी युवाओं के लिए मार्गदर्शक दीपस्तंभ हैं। उनका प्रसिद्ध संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो” कारा में रह रहे युवाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। वक्ताओं ने कहा कि जीवन की परिस्थितियां चाहे जितनी कठिन क्यों न हों, यदि मन में दृढ़ संकल्प और आत्मविश्वास हो तो व्यक्ति अपने भविष्य को नई दिशा दे सकता है।
प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ के भाई कुंदन कुमार ने अपने संबोधन में युवाओं से अनुशासन, नैतिकता, आत्मसंयम और सेवा भाव को जीवन में अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आत्मपरिवर्तन से ही समाज और राष्ट्र का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम के दौरान स्वामी विवेकानंद जी के आदर्शों, युवाओं की राष्ट्र निर्माण में भूमिका, आत्मनिर्भरता और चरित्र निर्माण पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कारा प्रशासन के अधिकारियों को सम्मान स्वरूप प्रेरक साहित्य भेंट किया गया। साथ ही कैदियों को नियमित गायत्री मंत्र जप, ध्यान और आत्मशुद्धि के माध्यम से सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित लोगों को देव स्थापना चित्र भेंट कर, राष्ट्र निर्माण में युवाशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका और युग निर्माण सत्संकल्प के साथ किया गया। यह आयोजन कारा में निरुद्ध युवाओं के लिए आशा, आत्मविश्वास और नवजीवन का सशक्त संदेश बनकर उभरा है। इस अवसर पर मंडल कारा के अधीक्षक तथा प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ के कार्यकर्ताओं की गरिमामयी उपस्थिति रही
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