सीवान : चिकित्सक के लापरवाही से मासूम की मौत, परिजनों ने लगाया आरोप
श्रीनारद मीडिया, सुभाष शर्मा, सीवान (बिहार)

गोपालगंज जिले के अहिरौली गांव निवासी आशा कुमारी के पुत्र ऋषभ कुमार की कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण मौत का मामला सामने आया है। यह घटना एक बार फिर सिवान में निजी चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जहां इलाज के नाम पर लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिजनों ने दो दिन पूर्व बच्चे को सिवान स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया था। आरोप है कि चिकित्सक ने मोटी रकम लेकर इलाज शुरू किया, लेकिन समय पर सही और समुचित इलाज नहीं दिया गया। शुक्रवार देर संध्या इलाज के अभाव में ऋषभ कुमार ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन अपने पुत्र को जीवित करने की गुहार लगाते रहे और दोषी चिकित्सक व कंपाउंडरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।
परिजनों का कहना था कि यदि इलाज संभव नहीं था तो समय रहते रेफर कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन चिकित्सक ने ऐसा नहीं किया। आरोप है कि जैसे ही बच्चे की मौत की जानकारी चिकित्सक विकास को मिली, वह क्लिनिक छोड़कर फरार हो गया। वहीं कुछ कंपाउंडरों पर परिजनों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
घटना के बाद कुछ कंपाउंडर भी फरार बताए जा रहे हैं। परिजनों ने बताया कि वे अत्यंत गरीब परिवार से हैं और मजदूरी तथा गांव में गोनसार जलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में हमेशा गरीब परिवार ही पिसते हैं। चिकित्सकों के कथित संघ के दबाव में न तो प्रशासन ठोस कार्रवाई करता है और न ही थाने में शिकायत करने पर कोई त्वरित पहल होती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कई निजी क्लिनिकों में बिना उचित योग्यता वाले कंपाउंडरों से इलाज कराया जाता है, जो आधे चिकित्सक का काम करते हैं, जबकि डॉक्टर केवल देखने के नाम पर अलग से मोटी फीस वसूलते हैं।
इस पूरे मामले ने सिवान जिले की सरकारी और निजी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जिले के सभी निजी क्लिनिकों में कार्यरत चिकित्सकों व कंपाउंडरों की योग्यता की जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल, बच्चे के शव को लेकर परिजन रोते-बिलखते अपने गांव लौट गए हैं, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।
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