संस्कार भारती संविधान के माध्यम से समाज को जागृत कर रही है- डाॅ. रविन्द्र नाथ पाठक
संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर संगोष्ठी सह चित्रकला प्रदर्शनी का हुआ आयोजन
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

सीवान नगर स्थित सफायर इन होटल के सभागार में संस्कार भारती की जिला इकाई के द्वारा संविधान के 75 वर्ष पूर्ण होने पर संगोष्ठी एवं चित्रकला प्रदर्शनी का आयोजन रविवार को किया गया।
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में स्थानीय डी.ए.वी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के पूर्व प्राध्यापक डॉ. रविन्द्र नाथ पाठक ने अपने उद्बोधन में कहा की एक वोट एक शक्ति एकात्म मानववाद का प्रतीक है। भारत के संविधान में देश के प्रत्येक भाग को जोड़ा है। भारत के रूप को समझना संविधान का कार्य रहा है।
कल्याणकारी मानवता की परंपरा में भारत की नीति आवश्यक है,जो हमें संविधान से प्राप्त हुई है। संविधान हमारे धर्म ग्रंथो से ऊपर है। भारत की ज्ञान परंपरा में ही विश्व का कल्याण है,जो संविधान में उल्लेखित है। कला मानवीय हृदय में संवेदना का संचार करती है और संविधान का भी उत्सव हो सकता है इस कार्य को संस्कार भारती ने सिद्ध किया है।
अभिव्यक्ति एवं आत्मनिर्भरता की प्रतीक दुसूती कला है जिसे यहां प्रस्तुत किया गया है। संविधान प्रत्येक क्षण कहता है जागते रहो।
वही मुख्य वक्ता के रूप में मैरवा स्थित हरिराम बाबा महाविद्यालय की प्राध्यापिका डॉ. अमृता पांडेय ने कहा कि संविधान की रक्षा नहीं कर सकते, कोई बात नहीं परन्तु इसके विनाश का कारण तो मत बनिये। संविधान के मौलिक कर्तव्य ने हमें पर्यावरण व धरोहरों को संरक्षित करना सिखाया है। देश में सभी पंथ के लोग रहते हैं सभी के प्रति सहिष्णुता का भाव संविधान ने सिखाया है।
जबकि विशिष्ट अतिथि तिथि के रूप में पधारे विद्या भारती विद्यालयों के विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम ने कहा की विश्व को गणतंत्र का संदेश बिहार की वैशाली ने दिया है। संविधान सभा में 36 बिहारवासी थे जबकि सीवान से डॉ. राजेंद्र प्रसाद संविधान सभा के अध्यक्ष थे।
इस सूची में आधुनिक बिहार के रचयिता डॉक्टर सच्चिदानंद सिन्हा बाबू जगजीवन राम अनुग्रह नारायण सिंह श्याम नंदन मिश्र कामेश्वर सिंह जयपाल सिंह मुंडा जैसे समाजसेवी विद्वान वक्ता इस सभा में उपस्थित थे हमारा समाज पूर्वजों की कृतियों को स्मरण करने से आगे बढ़ता है संविधान हमारे चित्तवृतियों का दस्तावेज है।

इससे पूर्व समारोह में सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित करते हुए मंत्रोच्चारण के मध्य दीप प्रज्वलित किया गया।
जिसमें नगर के नामचीन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉक्टर शरद चौधरी, सर्जन डॉक्टर राजन कल्याण सिंह, सफायर इन होटल के स्वामी डॉ. रुपेश कुमार, महावीर सरस्वती शिशु मंदिर, मखदूम मखदूम सराय के प्राचार्य, महावीर सरस्वती विद्यालय, बरहन गोपाल के प्राचार्य एवं महावीर सरस्वती विद्या मंदिर विजय हाता के प्राचार्य डॉ. विजय समेत कई गणमान्य प्रबुद्धगण उपस्थित रहे।
अतिथियों का स्वागत अंग वस्त्र श्रीफल व पुष्प के द्वारा किया गया। वहीं कला साधक आरती देवी को दुसूती कला में अपूर्व योगदान के लिए अंगवस्त्र व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। जबकि चित्रकला प्रदर्शनी का अवलोकन अतिथियों के द्वारा हुआ, जिसका विषय भारतीय संविधान रहा। इस प्रदर्शनी में कई विद्यालयों से आये भैया एवं बहनों ने चित्रकला के माध्यम से अपनी भावना को व्यक्त किया।
वही संस्कार भारती के वरीय कार्यकर्ता शिक्षक अखिलेश मिश्र जी की सेवानिवृत्ति के पश्चात उन्हें भावपूर्ण विदाई दी गई।
संविधान के विषय पर प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम भी किया गया। जिसमें कई भाई-बहनों ने सही उत्तर दिया और उन्हें उपहार दिया गया। चित्रकला में भाग लेने वाले सभी भैया-बहनों को स्वर्ण पदक एवं प्रशस्ति पत्र दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका अंजनी कुमार पांडे ने किया जबकि संस्कार भारती के सदस्यों का परिचय जादूगर विजय ने कराया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन संस्कार भारती सीवान जिला इकाई के अध्यक्ष राम प्रेम शंकर सिंह ने सभी पदाधिकारी आंगुतक अतिथियों एवं इस कार्य में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगे सभी कला साधकों का धन्यवाद किया। विशेष रूप से सफायर होटल के स्वामी रूपेश कुमार का भी उन्होंने धन्यवाद किया।
इस मौके पर संरक्षक, ब्रजमोहन , कोषाध्यक्ष अश्वनी कुमार श्रीवास्तव, मीडिया संयोजक डॉ.राकेश कुमार तिवारी, सदस्य सुनील कुमार, लव कुमार, नीरज शर्मा एवं सभी आयामों के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

