बौद्धिक जगत का एक सूरज हुआ अस्त!
नहीं रहे श्रीनारद मीडिया के संरक्षक सुभाष्कर पांडेय!
✍️ राजेश पाण्डेय
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

जो आया है वह जाएगा लेकिन विमर्श में सदैव जीवन की चर्चा होती है। परन्तु भगवान की महिमा कुछ और ही होती है। ऐसा ही हुआ जब सीवान जिले के वरीय अधिवक्ता सुभाष्कर पांडेय का निधन 03 फरवरी 2026 को अपराह्न लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में हृदयाघात से हो गया। सूचना मिलते ही पूरे जिले में शोक की लहर व्याप्त गई। सभी ने एक स्वर से आपके निधन पर दु:ख जताया।
व्यक्ति की आयु छोटी होती है लेकिन उसकी कृति की श्रृंखला अनंत होती है। सुभाष्कर पांडेय एक व्यक्तित्व से बढ़कर एक युग थे। जीवन के लगभग 85 वसंत देख चुके आप अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। अपने पिता स्वर्गीय सरस्वती दिन पांडेय के पदचिन्ह पर चलते हुए आपने अपने विद्वता से सुलभ-सरस व्यक्तित्व की जो छवि बनाई, वह हम सभी के बीच स्मृति के रूप में वर्षों तक विद्यमान रहेगी।
आपका आवास सामाजिक-संस्कृतिक एवं राजनीतिक गतिविधियों का वर्षों तक केंद्र रहा है। सीवान के अपूर्व विद्वान बीबी मिश्रा सहित जिले के विद्वानों के ऊपर लिखी जाने वाली कई कालजयी पुस्तकों की पांडुलिपि आपके आवास पर ही तैयार की गई। नगर के नामचीन हस्तियों का आपके यहां आना-जाना लगा रहता था। कई प्रकार के संस्थानों के जन्म में आपने महती भूमिका निभाई।
बौद्धिक जगत आपको बड़ी आदर से स्थान देता था क्योंकि न जाने कितनों को आपने आर्थिक एवं सामाजिक रूप से त्राण दिया होगा।आपके द्वारा उपलब्ध कराये गए आवास में ही हम सभी का श्रीनारद मीडिया न्यूज़ पोर्टल का कार्यालय चलता है। आप इसके संरक्षक रहे, हमसभी आपके आशीर्वाद से इस संस्था को सुगमतापूर्वक निरंतरता प्रदान करते आ रहे है।
शायद ही ऐसा कोई होगा जिसके मस्तिष्क में आपके द्वारा किए गए कार्य एवं बिताये गये क्षण की एक अविस्मरणीय स्मृति नहीं होगी। बहरहाल सीवान में जब भी अतीत के सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों पर वार्ता एवं विमर्श होगी, आपका नाम अनिवार्यत: आएगा। मृत्यु अटल है उसे आनी है लेकिन व्यक्तित्व का हम सभी के बीच से चला जाना मन को भावुक कर जाता है, जिसकी परिणीति आंसू के रूप में परलक्षित होती है।
अंततः भगवान आपकी आत्मा को शांति प्रदान करें एवं आपके परिवार को दुःख की वेदना सहने की सामर्थ्य प्रदान करें।
श्रीनारद मीडिया परिवार की ओर से शत-शत नमन।
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