मशरक में डीएसपी ने की क्राइम मीटिंग:थानेदारों को दिया जीरो टॉलरेंस पर काम करने का निर्देश
श्रीनारद मीडिया, विक्की बाबा, मशरक, सारण (बिहार):

सीवान जिला के मशरक थाना परिसर में डीएसपी संजय कुमार सुधांशु ने अधीनस्थ थानों के पुलिस पदाधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग की। मौके पर इंस्पेक्टर इंद्रजीत महंतों, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पासवान, थानाध्यक्ष पानापुर, इसुआपुर और तरैया मौजूद रहें। इस बैठक में क्राइम कंट्रोल पर विशेष जोर दिया गया।
डीएसपी ने सभी थाना अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्षेत्र के चिन्हित अपराधियों की एक सूची तैयार रखें। उन्होंने अपराधियों के मूवमेंट की गुप्त जानकारी रखने का भी आदेश दिया। साथ ही सभी थानों के अंतर्गत आने वाले गांवों में जिन व्यक्तियों का अपराधिक इतिहास है, उनकी गांव-वार सूची गश्ती दल के पास उपलब्ध रहनी चाहिए।
डीएसपी ने मौसम परिवर्तन पर विशेष चौकसी बरतने समेत अन्य आवश्यक दिशा निर्देश दिए गये। अपराध नियंत्रण, मुकदमों के अनुसंधान में तेजी लाने, वांछितों के खिलाफ कुर्की-वारंट निकाल उन्हें गिरफ्तार करने तथा वाहन चेकिंग अभियान में सुस्ती नहीं बरतने का निर्देश दिया गया। वही छोटी घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने तथा पुलिस-पब्लिक मैत्री के मद्देनजर आमलोगों से बेहतर संबंध स्थापित करने की आवश्यकता बतायी गई। डीएसपी ने कहा कि पुलिस बल लगातार सघन गश्ती करेंगे।
तथा शराब धंधेबाजों, उपद्रवी व असमाजिक तत्वों पर नकेल को लेकर पैनी नजर रहने का निर्देश थानेदारों को किया। असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध निरोधात्मक कार्रवाई की जाए। सीमा क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर रोकथाम के लिए प्रशासन से सामंजस्य स्थापित कर सघन चेकिंग अभियान चलाएं और अवैध शस्त्र, मादक पदार्थ, करेंसी आदि की तस्करी रोकी जाए।
साथ ही मनचले युवक व बाईकर्स ग्रुप को चिन्हित कर कारवाई का निर्देश दिया। बैठक में डीएसपी ने कहां कि बड़ी घटना होने पर आसपास के थाना क्षेत्रों के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया।किसी घटना के होने पर कुछ मिनटों में उस क्षेत्र को सील करने की क्षमता विकसित करने का निर्देश भी दिया गया।डीएसपी ने पूर्व से लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी लाने का भी आदेश दिया।
यह भी पढ़े
बिहार आम बजट रोजगारोन्मुखी : विजय प्रसाद वर्मा
बिहार आम बजट रोजगारोन्मुखी : विजय प्रसाद वर्मा
जनरल नरवणे की पुस्तक से क्यों हंगामा मचा है?
यू. जी. सी. अधिनियम के समर्थन में सभी दलों के दलित – पिछड़े नेता एकजुट हुए

