मंदिर में आरती,पुलिस थाने के मालखाने में बिराजे भगवान , कब होंगी मूर्तियां स्थापित
श्रीनारद मीडिया, विक्की बाबा, मशरक, सारण (बिहार):

मशरक थाना परिसर के सटे प्राचीन काल के राम जानकी शिव मंदिर से चोरी गयी भगवान राम, मां जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां पिछले 30 दिनों से थाने के मालखाने में पड़ी हुई है। वहीं मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना को आए भक्तों को निराशा मिल रहीं हैं। पुजारी टुन्ना बाबा ने बताया कि बरामद मूर्तियां न्यायालय के आदेशानुसार मिलेंगी , उसमें कागजी कार्यवाही की जा रही है जल्द ही आराध्य राम , मां जानकी और लक्ष्मण की मूर्तियां मंदिर में स्थापित की जाएंगी। वहीं मंदिर में आरती को आए भक्तों ने बताया कि चोरी के बाद पुलिस की कार्रवाई सराहनीय रहीं, चोरी गयी मूर्ति और चोरों को 7 दिनों के अंदर ही मूर्ति के साथ गिरफ्तार किया गया।
सभी ने सारण पुलिस के कार्यों की सराहना की।आपको बता दें कि 5 जनवरी को चोरों के द्वारा मंदिर के पीछे की कुंडी काट चोरों के द्वारा मंदिर के गर्भ गृह से भगवान राम, मां जानकी और लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्तियां चोरी और मंदिर परिसर में लगें सीसीटीवी कैमरे और उसकी हार्ड डिस्क मशीन भी अपने साथ लेते गये। जो सारण के वरीय एसपी के आदेशानुसार डीएसपी संजय कुमार सुधांशु के नेतृत्व में गठित एसआईटी टीम ने चोरी गयी मूर्तियां पूर्वी चंपारण से बरामद की, वहीं तीन चोरों को भी गिरफ्तार किया था।
स्थानीय लोगों ने उक्त मूर्तियां लगभग 200 वर्ष पुरानी बताई गई। वहीं चोरी कांड के उद्भेदन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीएसपी संजय कुमार सुधांशु चोरी ने बताया कि चोरी की घटना में मशरक के तख्त टोला गांव निवासी अखिलेश तिवारी (पिता स्व. चन्द्रमा तिवारी), पूर्वी चम्पारण जिले के केसरिया थाना क्षेत्र के गोपी छपरा गांव निवासी मुन्ना सहनी (पिता मोहन सहनी) और भोपतपुर थाना क्षेत्र के जमुनिया गांव निवासी संजय सिंह (पिता शंभू सिंह) को गिरफ्तार किया गया और जेल भेज दिया गया। वहीं अभियुक्तों की निशानदेही पर चोरी हुई मूर्तियाँ बरामद की गईं। सोनू सहनी के घर से श्रीराम और लक्ष्मण की दो अष्टधातु मूर्तियाँ मिलीं।
वहीं, राजन सहनी के फूस के मड़ई में जमीन के नीचे गड़ी माता जानकी की अष्टधातु मूर्ति बरामद हुई। स्थानीय लोगों ने डीएसपी संजय कुमार सुधांशु, इंस्पेक्टर इंद्रजीत महंतों, थानाध्यक्ष रंजीत कुमार पासवान और कांड के अनुसंधानकर्ता श्रवण कुमार पाल समेत अन्य पुलिस अधिकारीयों को धन्यवाद दिया और मूर्ति को जल्द से जल्द मुक्त कराने की अपील की गई। वहीं आपकों बता दें कि कांड के बेहतरीन अनुसंधान करने के लिए अपर थानाध्यक्ष श्रवण कुमार पाल को गणतंत्र दिवस की जिलास्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया गया।
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