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ईरान-अमेरिका शांति समझौते से क्या है दूसरे विश्व युद्ध का संबंध?

ईरान-अमेरिका शांति समझौते से क्या है दूसरे विश्व युद्ध का संबंध?

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

कहते हैं इतिहास खुद को दोहराता है। फ्रांस के वर्साय पैलेस ने एक बार फिर इस कहावत को साबित कर दिया है। जहां 28 जून 1919 को प्रथम विश्व युद्ध खत्म करने वाली विवादित संधि पर हस्ताक्षर हुए थे, ठीक उसी जगह 18 जून 2026 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने वाला महत्वपूर्ण शांति समझौता किया।

वर्साय पैलेस के 400 साल का इतिहास

वर्साय पैलेस सिर्फ राजसी भव्यता का प्रतीक नहीं है। यह सदियों से विश्व राजनीति के निर्णायक मोड़ों का गवाह रहा है। 400 साल से अधिक पुरानी इस इमारत ने राजाओं, राष्ट्रपतियों और राजनेताओं को एक मंच पर लाकर बड़े फैसले करवाए हैं।

आज जब अमेरिका और ईरान ने यहां शांति का हाथ बढ़ाया तो दुनिया का ध्यान फिर से इस महल के समृद्ध कूटनीतिक इतिहास की ओर मुड़ गया। आइये एक नजर उन ऐतिहासिक और विवादित संधियों पर डालते हैं जो इसी महल की गवाह रहीं हैं।

1919 की संधि: वो शांति जिसने युद्ध का नया बीज बोया

आज से लगभग 107 साल पहले वर्साय पैलेस के इसी हॉल में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति वुडरो विल्सन समेत मित्र राष्ट्रों के नेताओं ने जर्मनी के साथ वर्साय संधि पर दस्तखत किए थे। चार साल चले प्रथम विश्व युद्ध को खत्म करने वाली यह संधि राहत लेकर आई थी।

लेकिन इसमें जर्मनी पर थोपे गए कड़े आर्थिक दंड, सैन्य प्रतिबंध और क्षेत्रीय कटौतियों ने यूरोप में गहरी नाराजगी पैदा की। कई इतिहासकार इसे द्वितीय विश्व युद्ध के बीज बोने वाली संधि मानते हैं।

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अमेरिकी स्वतंत्रता की गवाह बना वर्साय

वर्साय केवल 1919 की संधि का गवाह नहीं है। अमेरिकी क्रांति का इतिहास भी इस महल से जुड़ा हुआ है. साल 1783 में यहां अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम को खत्म करने वाले कई समझौते हुए, जिन्होंने ब्रिटेन के विरुद्ध लड़ रहे अमेरिका, फ्रांस और स्पेन के बीच विवाद सुलझाए।

फ्रांस-ऑस्ट्रिया की दुश्मनी को दोस्ती में बदलते देखा

इतना ही नहीं इस महल के कई इतिहास लिखे गये हैं। एक समय था जब फ्रांस और ऑस्ट्रिया एक दुसरे के दुश्मन हुआ करते थे. दोनों देश लगातार एक-दुसरे पर हमलावर थे, लेकिन साल 1756-1758 के दौरान फ्रांस और ऑस्ट्रिया के बीच यहां तीन संधियां हुईं, जिन्होंने सदियों पुरानी दुश्मनी को दोस्ती में बदल दिया। इसी महल में ‘सात वर्षीय युद्ध’ में नया गठबंधन तैयार किया। इसे राजनयिक क्रांति भी कहा जाता है।

रूस-यूक्रेन युद्ध और वर्साय घोषणापत्र

मार्च 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यूरोपीय संघ के नेता यहां इकट्ठा हुए और ‘वर्साय घोषणापत्र’ पर हस्ताक्षर किए। इसमें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और रूसी ऊर्जा पर निर्भरता कम करने का फैसला लिया गया।

कितना पुराना है वर्साय का इतिहास

यह महल मूल रूप से 1623 में फ्रांस के राजा लुई 13वें द्वारा शिकार के बाद आराम करने के लिए बनवाया गया था। राजा लुई 14वें ने 1661 से इसे भव्य महल में बदलने का भारी काम शुरू किया। 6 मई 1682 को इसे फ्रांस की राजधानी और सरकार का मुख्य केंद्र घोषित कर दिया गया। सदियों तक यह जगह फ्रांसीसी राजतंत्र की शक्ति का प्रतीक रही।

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समझौता टिकेगा या वर्साय इतिहास को दोहराएगा

अमेरिका और ईरान के बीच हुई इस संधि से दुनियाभर ने राहत की सांस ली है। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह संधि टिकेगी? ऐसा इसलिए क्योंकि शुरुआत से ही इस पूरे युद्ध में इजरायल की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण थी। लेकिन संधि के दौरान इजरायल अलग-थलग दिखाई पड़ा। उधर इजरायल लेबनान पर लगातार हमले कर रहा है, जो इस संधि की जड़े हिला सकती हैं।

 

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