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बंगाल की सभी बंद जूट मिलें,10 जुलाई तक खुल जाएंगी

बंगाल की सभी बंद जूट मिलें,10 जुलाई तक खुल जाएंगी

16 जुलाई से चरणबद्ध ढंग से शुरू होगा उत्पादन

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 

बंगाल में बंद पड़ी सभी जूट मिलों को 10 जुलाई तक फिर से चालू करने का निर्णय लिया गया है। मंगलवार को कोलकाता के न्यू सेक्रेटेरियट बिल्डिंग में श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में जूट मिल प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग दौर की वार्ता के बाद यह फैसला लिया गया।

बैठक में श्रम राज्यमंत्री भास्कर भट्टाचार्य, विशेष श्रम आयुक्त आशीष सरकार तथा श्रम विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में हुगली, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और पूर्व बर्द्धमान जिलों की इंडिया जूट, हेस्टिंग्स, गोंदोलपाड़ा, एम्पायर, लूमटेक्स, शक्तिगढ़ और हावड़ा जूट मिलों के प्रबंधन एवं श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक में तय किया गया कि संबंधित जूट मिल प्रबंधन 10 जुलाई तक सस्पेंशन आफ वर्क वापस लेने की अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद सबसे पहले अनुरक्षण का कार्य शुरू होगा और 16 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से उत्पादन आरंभ किया जाएगा।

श्रम विभाग के अनुसार, इस निर्णय से 20 हजार से अधिक जूट श्रमिकों को दोबारा रोजगार मिलेगा। विभाग का दावा है कि एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में बंद जूट मिलों को दोबारा शुरू कराने पर सहमति बनना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। एक बयान में कहा गया कि श्रम मंत्री अर्जुन सिंह की पहल और श्रम विभाग के अधिकारियों के प्रयास से यह निर्णय संभव हो सका।

पश्चिम बंगाल की लंबे समय से बंद पड़ी जूट मिलों को फिर से चालू करने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार, जूट मिल प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी बंद मिलों को 10 जुलाई तक खोलने की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

श्रम मंत्री की अध्यक्षता में बनी सहमति

कोलकाता के न्यू सेक्रेटेरियट भवन में आयोजित बैठक की अध्यक्षता श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने की। बैठक में श्रम राज्यमंत्री भास्कर भट्टाचार्य, विशेष श्रम आयुक्त आशीष सरकार सहित श्रम विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। कई दौर की बातचीत के बाद प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच सहमति बनी।

16 जुलाई से शुरू होगा उत्पादन

बैठक में तय हुआ कि संबंधित जूट मिल प्रबंधन 10 जुलाई तक ‘सस्पेंशन ऑफ वर्क’ वापस लेने की अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद मशीनों और संयंत्रों के अनुरक्षण का काम शुरू होगा तथा 16 जुलाई से चरणबद्ध तरीके से उत्पादन फिर से शुरू किया जाएगा।

20 हजार से अधिक श्रमिकों को राहत

इस फैसले से करीब 20 हजार से अधिक जूट श्रमिकों को दोबारा रोजगार मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से बंद मिलों के खुलने से हजारों परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना जताई जा रही है।

इन जिलों की मिलें होंगी शुरू

बैठक में हुगली, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और पूर्व बर्द्धमान की कई प्रमुख जूट मिलों के प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। सरकार का कहना है कि सभी पक्षों की सहमति से उद्योग को फिर से गति देने की दिशा में यह बड़ा कदम है।

 

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