गुरु पूर्णिमा पर गौरक्षा का संकल्प लें काशीवासी

@ भक्तों ने किया शंकराचार्य जी के चरण पादुका का पूजन
श्रीनारद मीडिया / सुनील मिश्रा वाराणसी उत्तर
वाराणसी,27.7.26 / इस बार परमधर्माधिश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज छत्तीसगढ़ में अपना चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान सम्पन्न करेंगे एवं गुरु पूर्णिमा पर काशी नही रहेंगे।इसलिए काशीवासी भक्तों ने प्रार्थना करके गुरुपूर्णिमा से पूर्व ही शंकराचार्य जी महाराज के चरण पादुका के पूजन हेतु अनुमति मांगी और शंकराचार्य जी ने अनुमति दे दी।जिससे हर्षित भक्तों ने शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में आज सायं 5 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य सविधि शंकराचार्य जी के चरण पादुका का पूजन किया।एवं गौमाता के प्राणों की रक्षा हेतु तमाम कष्ट सहकर 81 दिवसीय गविष्ठी यात्रा पूर्ण करने हेतु शंकराचार्य जी महाराज का अभिनंदन एवं वंदन किया।
शंकराचार्य जी महाराज ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर काशीवासियों एवं भक्तों को गौरक्षा का संकल्प लेने का संदेश दिया।शंकराचार्य जी महाराज ने कहा कि प्रत्येक सनातनी की आराध्यागौमाता 33 कोटि देवी देवताओं की आश्रयस्थली भी हैं,गौमाता के पूजन से मिलता है सभी देवी देवताओं के पूजन का फल।गौमाता के महत्व को इसी से आसानी से समझा जा सकता है कि हमारे घर में जब पहली रोटी बनती है तो सर्वप्रथम गौमाता हेतु निकलती है गुरुदेव या किसी देवी देवता हेतु नही निकलती है जबकि उनका हमारे जीवन में कितना महत्व है।
उक्त जानकारी देते हुए शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि इस बार शंकराचार्य जी महाराज का चातुर्मास व्रत छत्तीसगढ़ के बेमतरा जिला स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में सम्पन्न होगा।जहां विश्व का सबसे बड़ा सवा लाख शिवलिंग का शिव मंदिर बना रहा है।शंकराचार्य जी महाराज के चातुर्मास्य विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान सम्पन्न किए जाएंगे।एवं साथ ही यूपी के 403 विधानसभाओं के प्रतिनिधियों की त्रिदिवसीय कार्यशाला भी आयोजित की जाएगीं।जिसमें शंकराचार्य जी महाराज अपने प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित कर गौरक्षा आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका के निर्वहन एवं शंकराचार्य जी के गौरक्षा नीतियों को जन जन तक पहुंचाने हेतु तैयार करेंगे।शंकराचार्य जी महाराज कल मंगलवार 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ हेतु काशी से प्रस्थान करेंगे।
आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सर्वश्री~साध्वी पूर्णांबा दीदी,ब्रम्हचारी परमात्मानंद,स्वामी निधिरव्यानंद,गिरीश चंद्र तिवारी,अविनाश मिश्रा,रवि त्रिवेदी,रमेश उपाध्याय,अभय शंकर तिवारी,विमल तिवारी,हजारी कीर्ति शुक्ला,मनीष पाण्डेय,मयंक दोषी,शाश्वत मिश्रा,हजारी सौरभ शुक्ला,अनुराग द्विवेदी,लता पाण्डेय,मंजरी पाण्डेय,चांदनी चौबे,नीलम दुबे सहित भारी संख्या में लोग उपस्थित थे।
