पटना पूर्व बाढ़ की पहली सांसद का आज जन्मदिन है 

पटना पूर्व बाढ़ की पहली सांसद का आज जन्मदिन है  श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 000000 बला की खूबसूरत, चेहरे पर एक चार्म, बॉब कट बाल, साड़ी और स्लिवलेस ब्लाउज पहने कार से उतरती है और सीधा दनदनाते हुए सकरवार टोला, मोकामा के पंडित केशव प्रसाद शर्मा के पास पहुँच जाती है ……. पीछे -पीछे दो…

Read More

क्या 2026 तूफान से पहले की शांति है?

क्या 2026 तूफान से पहले की शांति है? श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 000000 वर्ष 2025 की शुरुआत इस डर के साथ हुई थी कि एक ग्लोबल संकट आएगा जो भारत को भी अपनी चपेट में ले लेगा। दूसरी बार ट्रंप के राष्ट्रपति बनने से ग्लोबल ट्रेड वॉर का खतरा था,जिससे स्टॉक मार्केट क्रैश होने और…

Read More

प्रेममय मन-मनसा से ही अहं व ईर्ष्या का क्षरण-तिरोहण’ 

प्रेममय मन-मनसा से ही अहं व ईर्ष्या का क्षरण-तिरोहण’ आलेख – धनंजय मिश्र 000000 श्रीनारद मीडिया, सेंट्रल डेस्‍क:   आदमी चार कारणों से ही ज्यादा ‘गुस्सा’ करता है! जबकि सिर्फ एक ही कारण से ‘ईर्ष्या’ करता है! पहला-अहंकार के कारण! दूसरा-परिजनों या कोई अन्य के द्वारा शिष्टतापूर्ण और आवश्यकतानुसार कौशल-कुशलतापूर्ण एवं मनमुताबिक-कथनानुसार कार्य नहीं हो…

Read More

भारतीय संस्कृति की पुर्नस्थापना के संवाहक थे महामना 

भारतीय संस्कृति की पुर्नस्थापना के संवाहक थे महामना   जन्मदिवस पर विशेष 000000 श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क भारत रत्न महामना पंडित मदनमोहन मालवीय जी का संपूर्ण सामाजिक-राजनीतिक जीवन स्वदेश के खोए गौरव को स्थापित करने के लिए प्रयासरत रहा। जीवन-युद्ध में उतरने से पहले ही उन्होंने तय कर लिया था कि देश को आजाद कराना और…

Read More

सदैव अविचल, अनुपम हमारे अटल

सदैव अविचल, अनुपम हमारे अटल जन्म जयंती पर विशेष 000000 श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज श्रद्धेय अटल जी होते, तो सौ वर्ष के हो चुके होते। शतायु, पूर्ण आयु। भारतीय परंपरा में ‘शतायु’ होना जीवन की सिद्धि मानी गई है। पर, शतायु कौन होता है? वही मनई, जिसकी जीवन-साधना की कथा समय स्वयं कहता हो।…

Read More

अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन संस्मरण योग्य है

अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन संस्मरण योग्य है जन्मदिवस पर विशेष 000000 श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज उस व्यक्तित्व को याद करने का अवसर है जिसने राजनीति को शब्द दिए और शब्दों को आत्मा। अटल बिहारी वाजपेयी जी का जीवन भारतीय लोकतंत्र की सबसे शालीन, संवेदनशील और गरिमामय कथा है। वे सत्ता के शिखर…

Read More

‘सनातन के सदैव परम पुजारी भारत के ब्राह्मण’ 

‘सनातन के सदैव परम पुजारी भारत के ब्राह्मण’ आलेख धनंजय मिश्र 000000 श्रीनारद मीडिया : यह उपरोक्त ‘शीर्षक’ कथित भारत में ‘सनातन की सच्चाई’ है! यद्यपि भारत में अब जब पुनः ‘हिन्दुत्व’ अपने महाजागरण के सहारे ‘एकजुट-संगठित’ हो रहा है..! तब कुछ छंदम् सनातनी-आवरणधारी विधर्मी अपनी शरारतपूर्ण सुविज्ञता और स्वजातीता का पुरजोर बखान करके केवल…

Read More

सादगी और समर्पण के प्रतीक थे पंजवार के कर्मयोगी!

सादगी और समर्पण के प्रतीक थे पंजवार के कर्मयोगी! शिक्षा का अलख जगाने के लिए सदियों तक याद किए जाएंगे स्वर्गीय घनश्याम शुक्ल  000000 शुक्ल जी के पुण्यतिथि पर विशेष ✍️ गणेश दत्त पाठक श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क ‘सादा जीवन उच्च विचार’ की संकल्पना सीवान की धरोहर रही है। चाहे वो देशरत्न डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद…

Read More

मौलाना साहब के जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी को बताना हमारा दायित्व: एमएलसी प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव

मौलाना साहब के जीवन मूल्यों को नई पीढ़ी को बताना हमारा दायित्व: एमएलसी प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव हक साहब की जयंती के उपलक्ष्य में विचार गोष्ठी का आयोजन 000000 ✍️गणेश दत्त पाठक श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क बिहार विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष श्री अवध बिहारी चौधरी की अध्यक्षता में दारोगा प्रसाद राय महाविद्यालय के सभागार में…

Read More

शुक्ल जी ने सादगीपूर्ण भाषा और मानवीय संवेदनाओं से भरी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को विशिष्ट पहचान दी

शुक्ल जी ने सादगीपूर्ण भाषा और मानवीय संवेदनाओं से भरी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को विशिष्ट पहचान दी श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 000000 विनोद कुमार शुक्ल उन लेखकों में शामिल थे जिन्होंने कविता और कथा दोनों विधाओं में अपनी अलग, विशिष्ट और गहरी पहचान बनाई. उनकी रचनाओं की भाषा सरल होते हुए भी अत्यंत गूढ़…

Read More

बस घर जाना चाहता हूं. लिखना चाहता हूं. क्योंकि लिखना मेरे लिए सांस की तरह है-विनोद शुक्ल

बस घर जाना चाहता हूं. लिखना चाहता हूं. क्योंकि लिखना मेरे लिए सांस की तरह है-विनोद शुक्ल श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 000000 प्रख्यात हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया है. वह 88 साल के थे और पिछले कुछ दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे. उन्हें सांस की समस्या के…

Read More

शब्दों के भीतर ठहरा हुआ मौन

शब्दों के भीतर ठहरा हुआ मौन विनोद जी को स्मृतियों प्रणाम 000000 श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क आज एक अजीब-सा मौन उतर आया है, हिंदी सृजन संसार में। एक ऐसे कवि को खो दिया, जिसने बोलने से अधिक चुप रहने की शैली में जीवन के सबसे गहरे अर्थ कहे। विनोद जी के शब्दों की गति भी…

Read More

नफ़रत की जुनूनी ज्वाला अब बढ़ती ही जा रही है,क्यो?- धनंजय मिश्र

नफ़रत की जुनूनी ज्वाला अब बढ़ती ही जा रही है,क्यो?- धनंजय मिश्र श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 000000 सुबह-सवेरे एक अत्यंत ही इंसानियत को बेहद शर्मसार एवं अति पीड़ादायक आयोजित घटनात्मक ज्वलंत दृश्य को देखकर दिलोदिमाग अति हृदय-विदारकमय होकर विचलित एवं अति-मर्माहत द्रवित हो गया! यह अति दु:खद लोमहर्षक घटना संभवतः परसो की है! ‘फेसबुक’ पर…

Read More

भोजपुरी के पुरोधा लोककवि भिखारी ठाकुर

भोजपुरी के पुरोधा लोककवि भिखारी ठाकुर श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क 000000 लोककवि भिखारी ठाकुर खाली भोजपुरिये ना बलुक पूरा विश्व साहित्य के भी लोककवि आ नाटककार बानी. सांच कहल जाए त उहाँ के विश्व साहित्य के कोहिनूर हई. जे तरे खाली पुरुब से निकले के चलते सुरुज देव के खाली पुरुब के नाही कहल जा…

Read More
error: Content is protected !!