बाबा महेंद्रनाथ धाम पर धूम धाम से मनाई गई परशुराम जयंती

बाबा महेंद्रनाथ धाम पर धूम धाम से मनाई गई परशुराम जयंती

समाज में ब्राह्मण समुदाय के योगदान पर हुआ मंथन और नई पीढ़ी को प्रेरणा लेने का किया गया आह्वान

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

अवसर था परशुराम जयंती का। भगवान विष्णु के आवेशा अवतार माने जाने वाले और भगवान शंकर के अनन्य भक्त भगवान परशुराम के वंदन के साथ ब्राह्मण समुदाय के सनातन परंपरा में अहम योगदान पर मंथन भी हुआ। समाज में योगदान दे रहे ब्राह्मण भाइयों से नई पीढ़ी को सबक लेने का आह्वान भी किया गया। सीवान जिले के सिसवन प्रखंड क्षेत्र के ऐतिहासिक बाबा महेंद्रनाथ धाम पर धूमधाम के साथ मंगलवार को परशुराम जयंती को मनाई गई। कार्यक्रम में भगवान परशुराम जी का विधिवत पूजन कचनार निवासी अजीत उपाध्याय ने किया जबकि पंडित योगेश पाण्डेय ने पूजन कराया। समारोह में जिले के कोने-कोने से सैकड़ो गणमान्य लोग पहुँचे। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सैकड़ों ब्राह्मण वृंद एक साथ भोजन किये, तत्पश्चात इस समारोह का समापन किया गया। गौरतलब है कि ऐतिहासिक बाबा महेंद्रनाथ धाम के गणेश मैरिज हॉल में जयंती का आयोजन किया गया।

website ads
website ads
previous arrow
next arrow
website ads
website ads
previous arrow
next arrow

हमें अपने आचरण के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए: पंडित त्रिलोकी पांडेय

पंडित त्रिलोकी पाण्डेय ने अपने सारगर्भित उद्बोधन में कहा कि हमें अपने आचरण के प्रति सदैव सजग रहना चाहिए। हमारी संस्कृति सनातन है और हम इसके रक्षक हैं । ब्राह्मण होने के नाते हमारे ऊपर यह जिम्मेदारी है कि हम समाज में अपनी एक अलग पहचान को सदैव कायम रखें। हमें एकत्रित रहना चाहिए साथ ही हम सरस्वती के पुत्र हैं इसके लिए हमें सदैव कार्य करना चाहिए।

हम सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक रहे हैं- डाॅ विधुशेखर पाण्डेय

वहीं भगवानपुर से पधारे डाॅ विधुशेखर पाण्डेय ने अपने उदबोधन में कहा कि हम सनातन संस्कृति के ध्वजवाहक रहे हैं ।आहार, विचार व अचार को हम सबसे पहले ठीक करें। आहार से ही हमारी बुद्धि बढ़ेगी। आज इस देश में दो प्रकार के लोग रहते हैं एक सनातन और दूसरे गैर सनातनी। भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी की जयंती पर हम सभी यहां उपस्थित हैं। यह हम सभी का सौभाग्य है। आपको अपनी गौरव को पहचानना होगा,हमें अपनी भाषा व संस्कृति की ज्ञान होनी चाहिए। हम अपने विद्वानों को अवश्य पढ़ें। सनातन संस्कृति को जाने व समझे। अपने संस्कार को उचित स्थान दें। सनातन धर्म के अनुसार तपस्या का फल आपको अवश्य मिलता है। किसी अपने भाई बंधुओं की शिकायत हमें नहीं करनी चाहिए। यह माना जाता है कि राजनीति से देश की दिशा और दशा तय होती है, लेकिन इस देश की राजनीति सनातन धर्म के अनुसार हो ब्राह्मणों के अनुसार हो और यही कारण है कि भारत की राजनीति हिंदू आधारित राजनीति हो गई है जो व्यक्ति मोदी से अधिक व्यापक तौर पर हिंदू पद्धति व सनातन पद्धति का प्रचार प्रसार करेगा वही मोदी का स्थान लेगा।

हमें अपने को सनातन पद्धति में ढूंढना होगा: सत्येंद्र भारती

रामगढ़ पंचायत के मुखिया पति सत्येंद्र भारती ने कहा व्यक्ति वही विचलित होता है जो समय के साथ नहीं चलता। हमें अपने को सनातन पद्धति में ढूंढना होगा, कब तक हम भ्रम जीवित रहेंगे। हमारे कई उपनाम हो सकते हैं लेकिन अंततः हम ब्राह्मण हैं। हम अपनी बौद्धिक क्षमता के आधार पर जनता के हृदय को पर राज करते हैं, हमें सभी को साथ लेकर चलना है। हमारा सौभाग्य है कि हमारे पंचायत में यह महेंद्र नाथ बाबा का मंदिर है हम इसकी कायाकल्प करेंगे। हम ईश्वर की कृपा से विद्वान व्यक्ति लोग हैं अपने तर्क से सभी का उत्तर देंगे। आप सभी यहां आए हैं आपका अभिनंदन है।

हमें सदैव समाज के लिए काम करना चाहिए: शशि उपाध्याय

वही चैनपुर मुबारकपुर के मुखिया पति दीपक तिवारी ने कहा कि इस समारोह में आकर मैं भावुक हूं।इतनी अच्छी जानकारी हम लोगों को यहां मिली है। कार्यक्रम के आयोजक सदस्य पत्रकार शशि उपाध्याय ने कहा कि ब्राह्मण स्वाभिमानी होता है गुलाम नहीं, उसे सदैव समाज के लिए काम करना चाहिए। हम सभी ने भी यही ठाना है और ऐसा काम इस क्षेत्र के लिए हम लोग कर डालेंगे कि आने वाली पीढ़ी इसे याद रखेगी। हम युवा पीढ़ी से यह कहते हैं कि परशुराम जयंती के मंत्र को समझें और इस तरह के कार्यक्रमों में भाग ले।

हमें संगठित होना होगा: रमेश तिवारी

वहीं चैनपुर मुबारकपुर के पूर्व मुखिया पति रमेश तिवारी ने कहा हम जागरूक होने के बावजूद भी एकत्रित नहीं हो पाते, हम कैसे संगठित होंगे इसके लिए विचार करना चाहिए। हम शिक्षित हो, संगठित हो, संघर्ष करें, हम सभी एकजुट हो। परशुराम जयंती पर इस मंत्र को हम गांठ बांध सकते हैं।

ब्राह्मण निर्धन छात्रों के लिए कोष बनें: प्रभाकर जी

सारण से आए प्रभाकर जी ने कहा कि हम सभी कुछ पैसा एकत्रित करें और एक कोष का निर्माण करें ताकि जो भी ब्राह्मण निर्धन छात्र है उसे हम सहायता दे सके ताकि उसकी पढ़ाई ना रुके और वह समाज में आगे बढ़ चढ़कर हिस्सा लें।

समाज में मूल्यवान योगदान दे रहे ब्राह्मण समुदाय के लोग, नई पीढ़ी जाने उसके बारे में और सबक लें: राजेश पांडेय

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए श्रीनारद मीडिया के संपादक राजेश पाण्डेय ने अपने उद्बोधन में कहा की परशुराम जी की जयंती पर हम सभी ब्राह्मण भाई बंधु यहां एकत्रित हैं यह सौभाग्य की बात है। सबसे बढ़कर सीवान अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूरे कर रहा है। यह बेहद गौरव की बात है कि ब्राह्मण समुदाय के लोग समाज में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। आज की युवा पीढ़ी को उनके योगदानों के बारे में जानना चाहिए, समझना चाहिए, प्रेरित होना चाहिए। क्योंकि समाज जब बेहतर होगा तो राष्ट्र भी समृद्ध होगा। सबसे पहले हम पचरुखी निवासी बांके बिहारी मिश्रा जी का नाम लेते हैं जो लब्ध ख्याति प्राप्त इतिहासकार थे। जीरादेई सूरवाल निवासी सुशील माधव पाठक ने विश्व इतिहास पर काम किया है।

रघुनाथपुर में पंजवार निवासी घनश्याम शुक्ला ने शिक्षा की गंगा बहा दी है। रघुनाथपुर निवासी गुजरात केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति रामा शंकर दुबे विद्वान व्यक्ति है। रघुनाथपुर में कुशहरा निवासी 2010 बैच के IRTS ऑफिसर अखिलेश पाण्डेय रेलवे में कार्यरत है। इंदौर पुलिस कमिश्नर आईपीएस हरिनारायण चारी मिश्रा जी रघुनाथपुर के ही रहने वाले है। गोरेयाकोठी निवासी लक्ष्मण तिवारी 2021 बैच के IAS अधिकारी हैं।गोरेयाकोठी,सैदपुरा निवासी विजिलेंस अधिकारी अरूणोदय पाण्डेय बिहार में कार्यरत है।सीतामढ़ी में पुपरी के एसडीएम अंजनी कुमार पाण्डेय सीवान नगर दखिन टोला निवासी है।

मैरवा में रानी लक्ष्मीबाई एकेडमी के संचालक संजय पाठक है जिन्होंने सैंकड़ों लडकियों को खेल के माध्यम से जीने की राह दिखाई है। लब्ध ख्याति प्राप्त राम कथा वाचक राजन जी महाराज गुठनी के रहने वाले है। प्रसिद्ध उद्योगपति दोन दरौली निवासी कुमार बिहारी पाण्डेय मुम्बई में स्थापित है। अयोध्या के एसएसपी दरौली निवासी शैलेश कुमार पाण्डेय है।

रघुनाथपुर में दया छपरा निवासी दुबई में मिश्रा रेस्टोरेंट के मालिक लोकेश मिश्रा है,जो वहां भोजपुरी व्यंजन की खुशबु बिखेर रहे है।
भोजपुरी, संस्कृत, हिंदी के मूर्धन्य विद्वान रतनपुरा महाराजगंज निवासी स्व महेंद्र शास्त्री को हम नहीं भूल सकते हैं। ग्राम सुरवल के श्री पुष्पेंद्र पाठक इतिहास के ख्यातलब्ध विश्लेषक के तौर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

जिले में कई सिविल सेवा की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थान के संचालक ब्राह्मण भाई हैं , जिनमें प्रमुख रूप से गणेश दत्त पाठक पाठक आईएएस के संचालक हैं वही द डेस्टिनेशन के संचालक एम.एम.तिवारी हैं।
जबकि कई पत्रकार भी ब्राह्मण हैं जिनमें दैनिक भास्कर के ब्यूरो कृष्ण मुरारी पाण्डेय, प्रभात खबर के ब्यूरो बाल्मीकि उपाध्याय दैनिक जागरण के ब्यूरो कृति पाण्डेय हिंदुस्तान के ब्यूरो नीरज पाठक सहारा के ब्यूरो अरविंद पाठक हिंदुस्तान के वरीय पत्रकार अनीश पुरूषार्थी,आज के ब्यूरो अरविंद पाण्डेय श्रीनारद मीडिया के संचालक डॉ राकेश कुमार तिवारी पीटीआई के डॉ अशोक प्रियंवद यू एन आई के डॉ विजय कुमार पाण्डेय जैसे कई नामचीन विद्वान जनता के लिए अपनी सेवा दे रहे हैं। वहीं जीरादेई में सुरवल निवासी लब्ध ख्याति प्राप्त इतिहास विश्लेषक शिक्षक पुष्पेंद्र कुमार पाठक की वाकपटुता के सभी कायल है।


साथ ही वर्तमान में सीवान के जिलाधिकारी अमित कुमार पाण्डेय ,सिवान के जिला निबंधन पदाधिकारी तारकेश्वर पाण्डेय,सीवान अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जितेंद्र पाण्डेय जी का समाज में योगदान है। हम नई पीढ़ी से बार-बार आग्रह करते हैं कि आप इन लब्ध ख्यातिप्राप्त विद्वानों को पढ़ें, इनकी जीवन के संदेश को समझे। इन्होंने कैसे मुकाम हासिल किया है, इसको देखें। हम ब्राह्मणों के पास केवल सरस्वती हैं यह हमें जन्मजात मिला है। हम किसी की नकल करके बहुत ऊंचा नहीं जा सकते।हमने सदैव से दूसरों को राजसत्ता दिया है और समाज में सम्मान प्राप्त किया है। हम सभी को समय-समय पर इस प्रकार के जयंती पर एकत्रित होकर आपस में गोष्ठी करनी चाहिए। अपनी समस्याओं को सुलझाना चाहिए, शायद इस तरह के जयंती को मनाने की यही सार्थकता होगी।

इस मौके पर डब्लू तिवारी, मंगलम तिवारी सुमित पाण्डेय, बिट्टू तिवारी, अभिषेक तिवारी गुड्डू दुबे, बिट्टू यादव सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Rajesh Pandey

Leave a Reply

Next Post

कैसे होती है अस्थमा की बीमारी, क्या हैं निजात पाने के तरीके?

Wed May 4 , 2022
कैसे होती है अस्थमा की बीमारी, क्या हैं निजात पाने के तरीके? विश्व अस्थमा दिवस पर विशेष श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 2021 तक भारत में लगभग 1.5 से 2 करोड़ लोग अस्थमा से पीड़ित थे, जिसमें हर आयु वर्ग के रोगी शामिल हैं। विश्व अस्थमा दिवस हर […]
error: Content is protected !!