द्वितीय भारत श्रीलंका हिन्दी सम्मेलन का हुआ आयोजन

 

द्वितीय भारत श्रीलंका हिन्दी सम्मेलन का हुआ आयोजन

WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
previous arrow
next arrow

भारत – श्रीलंका हिंदी मैत्री का भव्य उत्सव

“श्रीलंका हिन्दी समाचार” और “विश्व रंग 2025” दो हिन्दी पत्रिकाओं का हुआ लोकार्पण:

भारतीय उच्चायुक्त श्री संतोष झा और श्रीलंका की उच्च शिक्षा उपमंत्री डॉ.मधुर सेनेविरत्न ने किया उद्घाटन:

श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर,छपरा (बिहार):


12 जनवरी 2026 को स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, भारतीय उच्चायोग, कोलंबो द्वारा एक भव्य और ऐतिहासिक समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर भारत के माननीय उच्चायुक्त संतोष झा तथा श्रीलंका की शिक्षा एवं उच्च शिक्षा की उप मंत्री डॉ. मधुर सेनेविरत्न के कर कमलों से द्वितीय भारत- श्रीलंका हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम संचालिका अथिला कोथवाला ने बताया कि इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत और श्रीलंका से आए 400 से अधिक हिंदी विद्वान, शिक्षक एवं विद्यार्थी सहभागी बने। यह आयोजन दोनों देशों के बीच भाषा, संस्कृति और साहित्य की मैत्री का एक प्रेरणादायी उदाहरण रहा।
इस अवसर पर श्रीलंका के उन वरिष्ठ हिंदी विद्वानों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने दशकों से श्रीलंका में हिंदी के प्रचार-प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित किया है। कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण प्रकाशनों का भी लोकार्पण हुआ, जिनमें ‘श्रीलंका हिंदी समाचार’, रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा संपादित ‘श्रीलंका की चयनित रचनाएँ’ तथा ‘विश्व रंग – श्रीलंका’ पर आधारित दो विशेष पत्रिकाएँ प्रमुख रहीं।

विश्व हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रमाण-पत्र एवं उपहार प्रदान किए गए। साथ ही केंद्रीय हिंदी संस्थान की परीक्षाओं में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रमाण- पत्र और पुस्तकें भी भेंट की गईं। एक विशेष उपलब्धि के रूप में, विश्व रंग 2025 के अंतर्गत पहली बार श्रीलंका ने प्रत्यक्ष रूप से हिंदी ओलंपियाड में भाग लिया और तृतीय स्थान प्राप्त किया। हिंदी दिवस के अवसर पर श्रीलंका के विजेता को रबिन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय द्वारा भेजा गया प्रमाण-पत्र और सम्मान प्रदान किया गया। सम्मेलन के अंतर्गत तीन महत्वपूर्ण शैक्षणिक सत्र आयोजित किए गए – श्रीलंका में हिंदी, कविता सत्र और मुक्त सत्र जिनमें बड़ी संख्या में श्रीलंकाई हिंदी विद्वानों ने भाग लिया। मुझे भी कविता सत्र में अपनी रचना प्रस्तुत करने का सौभाग्य मिला। कार्यक्रम को और भी रंगीन बनाने के लिए भारतीय नृत्य एवं संगीत प्रस्तुतियाँ तथा श्रीलंका के हिंदी गीत एवं फिल्म प्रेमियों के संघ द्वारा प्रस्तुत पुराने हिंदी गीतों का विशेष कार्यक्रम सभी के लिए अत्यंत भावनात्मक और आनंददायक रहा। इस पूरे भव्य आयोजन के संयोजन और मंच संचालन में मुझे सक्रिय रूप से योगदान देने का अवसर मिला, जो मेरे लिए गर्व और सम्मान की बात रही।

इस भव्य, सुव्यवस्थित और अत्यंत गरिमामय आयोजन के लिए स्वामी विवेकानंद सांस्कृतिक केंद्र, भारतीय उच्चायोग, कोलंबो के निदेशक प्रो. कुरण दत्ता जी के प्रति विशेष रूप से कृतज्ञ हूँ , जिनके दूरदर्शी नेतृत्व में यह ऐतिहासिक सम्मेलन सफल हुआ। साथ ही केंद्र के सभी समर्पित शिक्षक साथियों, समन्वयकों और कर्मचारियों का भी हृदय से धन्यवाद, जिनकी अथक मेहनत, अनुशासन और प्रतिबद्धता ने इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन को संभव बनाया। यह आयोजन केवल एक समारोह नहीं था, बल्कि भारत–श्रीलंका के बीच हिंदी के माध्यम से सांस्कृतिक मैत्री, साहित्यिक संवाद और शैक्षणिक सहयोग का एक ऐतिहासिक पर्व बन गया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन अथिला कोथवाला ने किया।

यह भी पढ़े

 

 बेखौफ बदमाशों ने लूटपाट के दौरान एक फेरीवाले को गोली मार,  घायल  

मंत्री मंगल पांडेय द्वारा सिवान विधानसभा क्षेत्र में दही-चूड़ा भोज का आयोजन आज

ढाई दर्जन मामलों  के वारंटी को चैनपुर पुलिस ने किया  गिरफ्तार

डीआइजी की फोटो का सोशल मीडिया पर दुरुपयोग, संबंधित लोगों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

Raghunathpur: रॉयल विद्या सदन में विज्ञान प्रदर्शनी का हुआ सफल समापन

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!