सीवान : चिकित्सक के लापरवाही से मासूम की मौत, परिजनों ने लगाया आरोप

सीवान : चिकित्सक के लापरवाही से मासूम की मौत, परिजनों ने लगाया आरोप

श्रीनारद मीडिया, सुभाष शर्मा, सीवान (बिहार)

WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
previous arrow
next arrow

गोपालगंज जिले के अहिरौली गांव निवासी आशा कुमारी के पुत्र ऋषभ कुमार की कथित चिकित्सकीय लापरवाही के कारण मौत का मामला सामने आया है। यह घटना एक बार फिर सिवान में निजी चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, जहां इलाज के नाम पर लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिजनों ने दो दिन पूर्व बच्चे को सिवान स्थित एक निजी क्लिनिक में भर्ती कराया था। आरोप है कि चिकित्सक ने मोटी रकम लेकर इलाज शुरू किया, लेकिन समय पर सही और समुचित इलाज नहीं दिया गया। शुक्रवार देर संध्या इलाज के अभाव में ऋषभ कुमार ने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिजन अपने पुत्र को जीवित करने की गुहार लगाते रहे और दोषी चिकित्सक व कंपाउंडरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करने लगे।

परिजनों का कहना था कि यदि इलाज संभव नहीं था तो समय रहते रेफर कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन चिकित्सक ने ऐसा नहीं किया। आरोप है कि जैसे ही बच्चे की मौत की जानकारी चिकित्सक विकास को मिली, वह क्लिनिक छोड़कर फरार हो गया। वहीं कुछ कंपाउंडरों पर परिजनों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना के बाद कुछ कंपाउंडर भी फरार बताए जा रहे हैं। परिजनों ने बताया कि वे अत्यंत गरीब परिवार से हैं और मजदूरी तथा गांव में गोनसार जलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में हमेशा गरीब परिवार ही पिसते हैं। चिकित्सकों के कथित संघ के दबाव में न तो प्रशासन ठोस कार्रवाई करता है और न ही थाने में शिकायत करने पर कोई त्वरित पहल होती है। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कई निजी क्लिनिकों में बिना उचित योग्यता वाले कंपाउंडरों से इलाज कराया जाता है, जो आधे चिकित्सक का काम करते हैं, जबकि डॉक्टर केवल देखने के नाम पर अलग से मोटी फीस वसूलते हैं।

इस पूरे मामले ने सिवान जिले की सरकारी और निजी स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोल दी है। स्थानीय लोगों और परिजनों ने जिला पदाधिकारी से इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने और जिले के सभी निजी क्लिनिकों में कार्यरत चिकित्सकों व कंपाउंडरों की योग्यता की जांच कराने की मांग की है।
फिलहाल, बच्चे के शव को लेकर परिजन रोते-बिलखते अपने गांव लौट गए हैं, जबकि प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

यह भी पढ़े

शिवचर्चा में जागेगा स्वास्थ्य बोध, फाइलेरिया उन्मूलन को मिलेगा जनबल

 सात बहनों के बीच घर का इकलौता चिराग गायब, परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल

पूर्व प्राचार्य योगेंद्र प्रसाद सिंह का निधन, शिक्षाविदों में शोक

सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत सिंह ने जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरित किया

छपरा में 24 घंटे में   21 अभियुक्त किये गये गिरफ्तार

सुपौल: मवेशी व्यापारी से लूट के मामले में एक अपराधी गिरफ्तार

बगौरा–शेरही मार्ग पर सड़क हादसा, युवक की मौत से गांव में शोक।

बार–बार लौटने वाला रिंगवॉर्म : होम्योपैथी देती है स्थायी समाधान

 मारपीट में पिता पुत्र घायल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!