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2025 में सुप्रीम कोर्ट के दस ऐतिहासिक निर्णय

2025 में सुप्रीम कोर्ट के दस ऐतिहासिक निर्णय

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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2025 में सुप्रीम कोर्ट ने कई ऐतिहासिक फैसले दिए. ये फैसले नागरिक अधिकारों, पर्यावरण और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने वाले साबित हुए। इनमें अस्पताल में भर्ती आरोपी को हथकड़ी लगाने पर रोक और मानव गरिमा की रक्षा शामिल है।

बुलडोजर एक्शन के दुरुपयोग पर सख्ती बरती गई, अवैध तोड़फोड़ को असंवैधानिक बताया गया। अन्य प्रमुख फैसलों में आवारा कुत्तों का प्रबंधन, वक्फ संशोधन पर स्टे न देना, सिविल जजों की नियुक्ति में समय सीमा तय करना शामिल हैं। ये फैसले संविधान की रक्षा और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने वाले साबित हुए।

हॉस्पिटल में हथकड़ी बैन

11 फरवरी 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ICU में मरीज को हथकड़ी या जंजीर से बांधना गलत है। चाहे अपराध कितना भी बड़ा हो, इलाज के वक्त इंसान की गरिमा सबसे ऊपर है।

लॉटरी टैक्स सिर्फ राज्यों का हक

11 फरवरी 2025 को कोर्ट ने साफ कर दिया कि लॉटरी पर टैक्स लगाने का अधिकार सिर्फ राज्यों का है, केंद्र का नहीं। ये संविधान की राज्य सूची में आता है। मतलब अब राज्यों की ताकत बरकरार रहेगी।

महिला अधिकारियों को स्थायी आयोग

8 मई 2025 को कोर्ट ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ स्टाफ रोल तक सीमित रखना गलत है। उन्हें स्थायी आयोग और कमांड रोल्स में बराबर मौका मिलना चाहिए।

आवारा कुत्तों का प्रबंधन

22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर बड़ा फैसला दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में 11 अगस्त के उस निर्देश में संशोधन किया है, जिसमें आवारा कुत्तों को पकड़कर उन्हें शेल्टर होम में रखने की बात कही गई थी। कोर्ट ने आज अपने फैसले में कहा कि केवल बीमार और आक्रामक कुत्तों को ही शेल्टर होम में रखा जाएगा।

घर का अधिकार

12 सितंबर 2025 को कोर्ट ने कहा कि घर होना हर नागरिक का मौलिक अधिकार है। सरकार को सस्ते घरों की योजनाओं में निवेश बढ़ाना होगा और RERA को सरत करना होगा।

जिला जज बनने के लिए 7 साल का अनुभव

9 अक्टूबर 2025 को कोर्ट ने कहा कि वकालत और जज की नौकरी मिलाकर 7 साल का अनुभव हो तो आप जिला जज बन सकते हैं। न्यूनतम उम्र 35 साल होगी।

बुलडोजर एक्शन पर रोक

13 नवंबर 2024 के आदेश को 2025 में लागू किया गया। इस फैसले के मुताबिक बिना कोर्ट प्रोसेस के घर तोड़ना बैन है। नोटिस, सुनवाई और अपील का पूरा मौका मिलेगा। नियम तोड़ने वाले अफसर खुद जिम्मेदार होंगे।

बिजनेस डील्स 24% ब्याज दर मान्य

18 नवंबर 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर किसी कॉन्ट्रैक्ट में दोनों पक्षों ने 24% ब्याज दर पर सहमति दी है, तो कोर्ट इसे सिर्फ ‘ज्यादा’ कहकर रद नहीं कर सकती। मतलब, जो डील दोनों ने मिलकर तय की है, वो मान्य रहेगी।

अरावली की नई परिभाषा

20 नवंबर 2025 को कोर्ट ने कहा अरावली रेंज में सिर्फ वही पहाड़ आएंगे जो जमीन से 100 मीटर ऊंचे हैं। इससे 90% हिस्सा सुरक्षा से बाहर हो सकता है। पर्यावरण पर खतरा बढ़सकता है।

सोशल मीडिया पर AI स्क्रीनिंग

28 नवंबर 2025 को कोर्ट ने कहा कि हानिकारक कंटेंट रोकने के लिए AI से पहले ही स्क्रीनिंग होगी। ये काम सरकार नहीं, एक स्वतंत्र बॉडी करे ताकि फ्री स्पीच बनी रहे।

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