अवैध अतिक्रमण रोकने के लिए सख़्त नियम क्यों ज़रूरी हैं?
श्रीनारद मीडिया, प्रसेनजीत चौरसिया,सीवान (बिहार)

अवैध अतिक्रमण आज शहरों और बाज़ारों की सबसे बड़ी समस्या बन चुका है। सड़कें संकरी हो जाती हैं, यातायात प्रभावित होता है, जाम लगता है और आम लोगों को रोज़मर्रा की जिंदगी में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार मरीज अस्पताल नहीं पहुँच पाते, बच्चे समय पर स्कूल नहीं जा पाते और आपातकालीन सेवाएँ भी जाम में फँस जाती हैं। यह सिर्फ़ असुविधा ही नहीं, बल्कि एक तरह से पूरे समाज के विकास में बाधा है।
इसी समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन को एक ऐसा सख़्त और प्रभावी नियम बनाना चाहिए जो बाज़ारों में फैले अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह रोक सके। नियम स्पष्ट होना चाहिए कि कोई भी दुकानदार अपने दुकान की सीमा से बाहर किसी भी प्रकार का सामान नहीं रखेगा। यदि कोई दुकानदार दुकान के बाहर सामान रखता पाया जाता है, तो उस सामान को तुरंत ज़ब्त किया जाएगा और दुकानदार पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।
इस तरह के नियम दो बड़े फायदे देंगे—
सड़कों पर जगह खाली होगी, जिससे जाम कम होगा और लोगों का आवागमन सुचारू रूप से चलेगा।दुकानदार भी अनुशासन में आएँगे, क्योंकि उन्हें पता होगा कि नियम तोड़ने पर सीधी कार्रवाई होगी।यह नियम केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज का सहयोग भी उतना ही ज़रूरी है। सभी नागरिकों को इस अभियान का समर्थन करना चाहिए ताकि हमारा शहर स्वच्छ, व्यवस्थित और सुरक्षित बन सके। अगर हम सभी मिलकर अतिक्रमण के विरुद्ध खड़े होंगे, तभी एक बेहतर और सुगम वातावरण का निर्माण संभव है।
अवैध अतिक्रमण हटाना सिर्फ़ प्रशासन का नहीं, बल्कि हम सबका कर्तव्य है।
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