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TRE-4 परीक्षा 22 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी

TRE-4 परीक्षा 22 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने TRE-4 को लेकर बड़ा अपडेट दिया है. आयोग के कैलेंडर में TRE-4 को शामिल कर लिया गया है और परीक्षा की संभावित तारीख भी घोषित कर दी गई है. आयोग के अनुसार TRE-4 परीक्षा 22 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी. वहीं, परीक्षा का रिजल्ट नवंबर 2026 तक जारी किए जाने की संभावना जताई गई है. इससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए स्पष्ट टाइमलाइन मिल गई है.
46,595 पदों पर होगी शिक्षकों की बहाली
सबसे अहम बात यह है कि इस बार भर्ती का दायरा काफी बड़ा रहने वाला है. जानकारी के मुताबिक TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी. सूत्रों के अनुसार आयोग जल्द ही आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी में है. उम्मीद जताई जा रही है कि मार्च 2026 के पहले सप्ताह में TRE-4 का विज्ञापन जारी हो सकता है.विज्ञापन जारी होते ही आवेदन प्रक्रिया, पात्रता, सिलेबस और अन्य जरूरी दिशा-निर्देश साफ हो जाएंगे.
परीक्षा कैलेंडर जारी होने और पदों की संख्या सामने आने के बाद अभ्यर्थियों में उत्साह बढ़ गया है. लंबे समय से नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे उम्मीदवार अब तैयारी को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं. शिक्षक भर्ती के इस बड़े अभियान से राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ हजारों युवाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा. अब सभी की नजर मार्च में जारी होने वाले आधिकारिक विज्ञापन पर टिकी है.
कुल कितने पद और किन-किन विभागों में भर्ती?
शिक्षा विभाग ने सबसे ज्यादा पदों का प्रस्ताव भेजा है. कुल पदों का बंटवारा इस तरह है:
कक्षा 1 से 5 (प्राथमिक विद्यालय): करीब 10,500 पद
कक्षा 6 से 8 (मध्य विद्यालय): करीब 9,500 पद
कक्षा 9 से 12 (माध्यमिक और उच्च माध्यमिक): करीब 25,000 पद
शिक्षा विभाग के अलावा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग और पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में भी प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक शिक्षक और प्रधानाध्यापक के पद भरे जाएंगे. इन दोनों विभागों को मिलाकर करीब 1,500 अतिरिक्त पद जोड़े गए हैं. इस तरह कुल भर्ती का आंकड़ा 46 हजार तक पहुंच गया है.

बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने कहा कि राज्य में शिक्षा पर कुल वार्षिक बजट का 20 प्रतिशत खर्च किया जा रहा है. उनका दावा है कि यह देश में सबसे अधिक है. उन्होंने बताया कि एनडीए सरकार, मुख्यमंत्री के नेतृत्व में, हर ब्लॉक में मॉडल स्कूल और डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर काम कर रही है.

TRE-4 में 45 हजार से अधिक पदों की अधियाचना

मंत्री ने सबसे अधिक जोर TRE-4 पर दिया. उन्होंने बताया कि 45,000 से ज्यादा शिक्षक-शिक्षिकाओं की बहाली के लिए अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेज दी गई है. आयोग परीक्षा की तिथि तय करेगा. इसके अलावा दिव्यांग बच्चों के लिए 7,000 से अधिक विशेष शिक्षकों की अधियाचना भी भेजी गई है. मंत्री ने कहा कि सरकार गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

साइंस और टेक्नोलॉजी पर जोर

साइंस, टेक्नोलॉजी और टेक्निकल एजुकेशन के बजट को भी सदन में पेश किया गया. इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया है. सरकार सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने और तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है.

परीक्षा व्यवस्था और छात्रों के हित

हाल ही में परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचने के कारण एक छात्रा की मौत के सवाल पर मंत्री ने कहा कि सरकार मामले की समीक्षा करेगी. उन्होंने कहा कि यदि कहीं लापरवाही या सुधार की जरूरत होगी तो कार्रवाई की जाएगी.

फर्जी डिग्री के आरोप पर प्रतिक्रिया

विपक्ष द्वारा फर्जी डिग्री के आरोप उठाए जाने पर मंत्री ने कहा कि इस संबंध में महाधिवक्ता से भी राय ली गई है. संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच करेगा. मंत्री ने दोहराया कि सरकार का हर कदम छात्रों के हित में है. TRE-4 बहाली प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा.

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