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मोतिहारी एनकाउंटर में STF का एक जवान शहीद

मोतिहारी एनकाउंटर में STF का एक जवान शहीद

चार साल के बेटे ने दी शहीद पिता को मुखाग्नि

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

घर-परिवार को छेड़ोगे तो खबर चलेगी- 10 पुलिसकर्मी मारे गए… गुंडई क्या होती है, शहर को दिखा देंगे… हम दोनों हाथ से गोली चलाते हैं… ये वही चुनौती भरे शब्द हैं, जो कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर ने कुछ दिन पहले पुलिस को फोन पर कहे थे. उसने खुली धमकी दी थी कि अगर पुलिस ने उसके परिवार को परेशान किया, तो बड़ा खून-खराबा होगा. अब उसी धमकी का अंत मोतिहारी के चकिया इलाके में हुए एनकाउंटर में हो गया, जहां कुंदन ठाकुर और उसका साथी प्रियांशु कुमार मारे गए. हालांकि इस मुठभेड़ में STF के बहादुर जवान श्रीराम यादव शहीद हो गए.

फोन पर दी थी खुली चुनौती

वायरल ऑडियो में कुंदन ठाकुर पुलिस को सीधी चुनौती देता सुनाई देता है. वह कहता है- आपमें दम हो तो आकर देख लीजिए. आधे घंटे का समय देता हूं, लोकेशन देता हूं, पुलिस बल के साथ आइए और अगर जिंदा पकड़ सकते हैं तो पकड़ लीजिए. उसने यहां तक कहा था कि मुठभेड़ होगा तो पुलिसकर्मी ही मरेंगे, हम नहीं मरेंगे… ये याद रखिएगा.

कुंदन ने चकिया थाने के SHO को कॉल लगाया था और कहा कि घर-परिवार पर मत जाइएगा. जिंदगी कॉल ब्रेक जैसा नहीं है, नहीं खेल पाएंगे. उसकी बातों में साफ तौर पर चुनौती और बेखौफ रवैया दिख रहा था.

‘हम आसपास ही हैं, हमेशा तैयार हैं’

ऑडियो में वह खुद को बेहद खतरनाक बताते हुए कहता है कि हम आपसे (पुलिस) ज्यादा दूर नहीं हैं, आपके आसपास ही हैं और हमेशा तैयार हैं. उसने यह भी दावा किया कि कुंदन को गोली चलाना सीखना नहीं है, दोनों हाथ से चलाते हैं.

मंगलवार तड़के हुआ एनकाउंटर

पुलिस के मुताबिक, मंगलवार तड़के चकिया इलाके में STF और पुलिस टीम ने कुंदन ठाकुर को घेर लिया. इसके बाद दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई. मुठभेड़ काफी देर तक चली. इस एनकाउंटर में कुंदन ठाकुर और उसका साथी प्रियांशु कुमार मारे गए. लेकिन इस कार्रवाई के दौरान STF के जवान श्रीराम यादव गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में शहीद हो गए.

पुलिस के लिए बड़ी सफलता, लेकिन भारी क्षति

कुंदन ठाकुर कई आपराधिक मामलों में वांछित था और लंबे समय से पुलिस के निशाने पर था. उसकी मौत से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है, लेकिन एक जवान की शहादत ने इस सफलता को दर्द में बदल दिया है. एनकाउंटर के बाद पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. मामले की जांच जारी है. वहीं, कुंदन का धमकी भरा ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है.

मोतिहारी में अपराधियों से मुठभेड़ के दौरान STF के जवान श्रीराम यादव (31) शहीद हो गए. उनका पार्थिव शरीर जब सीवान के पुरैना गांव पहुंचा, तो माहौल गमगीन हो गया. परिवार और गांव वालों की आंखें नम हो गईं. चार साल के बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी है.

पत्नी हुई बेसुध, मां ने रोते-रोते किया सैल्यूट

फूलों से सजी गाड़ी में जवान का पार्थिव शरीर घर लाया गया. जैसे ही पत्नी ने देखा, वह बेसुध होकर गिर पड़ी. घर के बाहर भारी भीड़ जुट गई. गांव के लोग तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाने लगे. पुलिस अधिकारियों ने शहीद को श्रद्धांजलि दी. मां और पत्नी ने नम आंखों से सैल्यूट किया. माहौल बेहद भावुक था. हर आंख नम थी.इस दौरान जवान का 4 साल का बेटा पिता को देखने की जिद करता रहा. परिजन उसे समझाते रहे, लेकिन वह रोता रहा. 6 साल की बेटी भी पिता के इंतजार में थी.

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

अंतिम यात्रा से पहले पत्नी पार्थिव शरीर से लिपट गई. लोगों की आंखें नम हो गईं. सारण रेंज के DIG निलेश कुमार और SP पूरन कुमार झा ने शव को कंधा दिया. गांव के श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी की गई.

7 साल पहले हुई थी शादी, दो बच्चे हैं

श्रीराम यादव की शादी 7 साल पहले हुई थी. परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक बेटा है. अब पूरा परिवार सदमे में है.

सोमवार रात करीब 10 बजे वह घर से निकले थे. पत्नी से कहा था कि रेड पर जा रहे हैं. रात करीब 2:30 बजे मुठभेड़ में वह शहीद हो गए. इस एनकाउंटर में दो बदमाश भी मारे गए.

पत्नी बोली- ‘कहा था, सो जाओ हम आ जाएंगे’

मीडिया से बातचीत में पत्नी सिन्धू देवी ने बताया कि रात 10:30 बजे पुलिस टीम आई थी. उन्हें छापेमारी के लिए बुलाया गया. जाने से पहले उन्होंने कहा था- ‘तुम सो जाओ, हम आते हैं.’ रात 3 बजे फोन आया. बताया गया कि उन्हें चोट लगी है. अस्पताल पहुंचने पर पता चला कि वह अब इस दुनिया में नहीं हैं. शहीद जवान की शहादत से पूरा गांव गम में डूबा है. हर कोई नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दे रहा है.

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