कोशी DIG ने 4 इंस्पेक्टरों का वेतन रोका:मधेपुरा में पेंडिंग केस की रिव्यु के बाद एक्शन
श्रीनारद मीडिया, स्टेट डेस्क:

कोशी रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. कुमार आशीष ने मधेपुरा जिले में लंबित मामलों की समीक्षा के बाद बड़ी कार्रवाई की है। कांडों के निष्पादन और पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने के आरोप में सदर और उदाकिशुनगंज अंचल के पुलिस निरीक्षकों सहित कुल चार इंस्पेक्टरों का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।
उनसे इस संबंध में स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। यह जानकारी सहरसा डीआईजी कार्यालय से गुरुवार शाम जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई।
पुलिस अधीक्षक और जिले के सभी अंचल पुलिस निरीक्षक शामिल
डीआईजी ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि कार्यशैली में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो आगे और भी कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। यह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित की गई थी। इसमें मधेपुरा के पुलिस अधीक्षक और जिले के सभी अंचल पुलिस निरीक्षक शामिल हुए। बैठक के दौरान मई माह के दैनिक प्रतिवेदन का बारीकी से अवलोकन किया गया। समीक्षा में यह पाया गया कि विभिन्न थानों में लंबित पड़े मामलों और उनके पर्यवेक्षण की स्थिति असंतोषजनक है। अनुसंधान में बरती जा रही इस शिथिलता को देखते हुए डीआईजी ने कड़ा रुख अपनाया।
त्वरित निष्पादन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार
लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके तहत जून माह में कुल 1978 चिन्हित मामलों को बंद या निष्पादित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है डीआईजी ने सभी अंचल पुलिस निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र के जांच अधिकारियों(अनुसंधानकर्ताओं) के काम की बारीकी से निगरानी करें।
अब अंचल निरीक्षकों को यह स्पष्ट रिकॉर्ड रखना होगा कि किस जांच अधिकारी के पास कितने मामले लंबित हैं, जांच की गुणवत्ता क्या है, और मामला दर्ज होने के बाद आरोपियों पर कार्रवाई, गिरफ्तारी तथा कोर्ट से वारंट लेने में कितना समय लिया गया।
जांच अधिकारी के पास बहुत अधिक मामले लंबित
निर्देशों के अनुसार, यदि किसी एक जांच अधिकारी के पास बहुत अधिक मामले लंबित हैं, तो उनकी योग्यता के अनुसार काम को अन्य अधिकारियों के बीच समानुपातिक रूप से वितरित किया जाएगा। केस डायरी लिखने में लापरवाही बरतने वाले जांच अधिकारियों के खिलाफ अंचल निरीक्षकों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) को स्वतः संज्ञान लेकर नियमानुसार कार्रवाई करने को भी कहा गया है। बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत
एक ओर जहां लापरवाही पर कड़े रुख के निर्देश दिए गए हैं, वहीं बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित करने की योजना भी बनाई गई है। ऐसे जांच अधिकारी जो एक महीने में कम से कम पांच मामलों का सफलतापूर्वक निष्पादन करेंगे, उन्हें पुरस्कृत करने के लिए मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
डीआईजी ने बताया कि इस अभियान की सफलता और मामलों के गुणवत्तापूर्ण निपटारे के लिए हर सप्ताह प्रगति की समीक्षा की जाएगी। अगली समीक्षा बैठक जिले के पुलिस अधीक्षक और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों के साथ होगी, ताकि पुलिसिंग को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाया जा सके।
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