Headlines

डॉक्टर बनने का सपना लिए नीट-यूजी में बैठे 20 लाख छात्र

डॉक्टर बनने का सपना लिए नीट-यूजी में बैठे 20 लाख छात्र

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

मेडिकल के स्नातक कोर्सों में दाखिले से जुड़ी नीट-यूजी रविवार को दोबारा देशभर में कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच संपन्न हुई। एनटीए और शिक्षा मंत्रालय के लिए राहत की बात यह रही कि इसमें कहीं से किसी तरह की गड़बड़ी की सूचना नहीं मिली। 20 लाख से अधिक छात्रों का डॉक्टर बनने का सपना ओएमआर (आप्टिकल मार्क रिकाग्निशन) शीट में कैद हो गया।

यह परीक्षा पेन-पेपर और ओएमआर के जरिये कराई गई है। अगले साल से एनटीए ने इसे सीबीटी (कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट) के जरिये कराने का फैसला लिया है। इससे पहले यह परीक्षा तीन मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक का मामला सामने के बाद पूरी परीक्षा को रद कर दिया गया था। सीबीआइ मामले की जांच कर रही है।एनटीए के मुताबिक, मेडिकल प्रवेश परीक्षा देशभर के 551 शहरों के 5440 केंद्रों और विदेश के 14 शहरों में बनाए गए केंद्रों पर एक साथ आयोजित की गई।

इस सिलसिले में केंद्र सरकार के दर्जनों मंत्रालयों के साथ राज्य सरकार व केंद्रीय एजेंसियों ने पिछले करीब 37 दिनों में एकजुट होकर काम किया। एनटीए ने सभी केंद्रों पर परीक्षा तय प्रोटोकाल के मुताबिक कराए जाने का दावा किया है। साथ ही बताया कि ओएमआर शीट को भी प्रश्न पत्रों की तरह कड़ी सुरक्षा में लाया जा रहा है। इसमें भी भारतीय वायु सेना और भारतीय डाक विभाग की मदद ली जा रही है।

परीक्षा माफिया की सक्रियता व परीक्षा को लेकर फैलाए जा रहे दुष्प्रचार को देखते हुए एनटीए ने परीक्षा को लेकर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए थे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर स्थानीय पुलिस के साथ ही केंद्रीय सुरक्षा बलों की भी तैनाती की गई थी। प्रत्येक शहर में साइबर कमांडो भी तैनात किए गए थे। हिंदी, अंग्रेजी सहित कुल 13 भारतीय भाषाओं में आयोजित नीट-यूजी पर केंद्रीय एजेंसियों के साथ ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी पैनी नजर रखी।

सीसीटीवी के जरिये परीक्षा पर नजर

परीक्षा के दौरान वह एनटीए मुख्यालय में बनाए गए कंट्रोल रूम में पहुंचे और वहां से सीसीटीवी के जरिये परीक्षा पर नजर रखी। साथ ही वहां तैनात टीमों को भी सतर्कता के साथ काम करने के निर्देश दिए।प्रेट्र के अनुसार, एनटीए ने इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो को फर्जी करार दिया है, जिसमें दावा किया गया था कि नीट-यूजी का पेपर लीक हो गया है। कहा कि यह वीडियो फर्जी है और इसमें किए गए दावे गलत हैं। हम सरकारी एजेंसियों की मदद से यह वीडियो जारी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं।

छात्रों को दिया गया था 15 मिनट का अतिरिक्त समयदोबारा हुई परीक्षा में छात्रों को इस बार 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया गया था। वैसे तो परीक्षा में छात्रों को अब तक तीन घंटे का समय दिया जाता था, जिसमें उन्हें परीक्षा से जुड़ी कागजी कार्रवाई के साथ ही प्रश्नपत्र हल करना होता था। इस बार छात्रों के हितों को देखते हुए एनटीए ने परीक्षा के दौरान होने वाली कागजी कार्रवाई के लिए 15 मिनट अतिरिक्त समय दिया था। परीक्षा देकर बाहर निकले छात्रों ने अतिरिक्त समय को लेकर खुशी जताई। ऐसे में दोपहर दो बजे से शुरू हुई परीक्षा शाम 5.15 बजे खत्म हुई।

हर छात्र का रखा गया ध्यान

परीक्षा के दौरान एक-एक छात्र का ध्यान रखा गया। परीक्षा में शामिल करीब 10 हजार दिव्यांग छात्रों के साथ ही 81 ऐसे छात्र भी शामिल हुए थे, जिनकी मेडिकल कंडीशन ठीक नहीं थी। इनमें कोलकाता की एक छात्रा भी थी, जो हाल ही में सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई थी। वहीं एक छात्र ऐसा भी था जो कीमोथेरेपी करवा रहा था।

कोई छात्र परीक्षा नहीं छोड़ना चाहता था। उनके पक्के इरादे को देखते हुए एनटीए ने भी उनके लिए पूरा बंदोबस्त किया और उनकी परीक्षा कराई। शिक्षा मंत्री प्रधान ने सड़क दुर्घटना में घायल छात्रा के माता-पिता से भी बात की।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम

छात्रों को त्रिस्तरीय जांच के बाद ही परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया। -बायोमीट्रिक जांच, फिजिकल व दूसरे दस्तावेज की जांच की गई।-सात लाख से अधिक पुलिस कर्मी, केंद्रीय सुरक्षा बल, पर्यवेक्षक व अधिकारी तैनात रहे। -प्रत्येक परीक्षा कक्ष में कम से कम एक सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। -1.38 लाख से अधिक सीसीटीवी कैमरों से 95 हजार परीक्षा कक्षों की निगरानी की गई।-इलेक्ट्रानिक गड़बड़ी से बचाने के लिए उच्च क्षमता वाले 53,311 जैमर लगाए गए।

एनटीए ने ‘टीम भारत’ की कोशिशों को सराहाआइएएनएस के अनुसार, एनटीए ने नीट-यूजी के सफल आयोजन के लिए परीक्षा प्रक्रिया में शामिल हजारों लोगों और संस्थाओं का शुक्रिया अदा किया। एक्स पर एक पोस्ट में एनटीए ने कहा कि यह परीक्षा सामूहिक राष्ट्रीय प्रयास का नतीजा थी। यह सिर्फ एनटीए का काम नहीं था। इसके पीछे ‘टीम भारत’ की कोशिशें हैं। देशभर के लोगों की ऐसी शृंखला सामने आई, ताकि हर छात्र के लिए एक ही चीज मायने रखे-उनके सामने रखा पेपर।

एनटीए ने कहा कि परीक्षा के आयोजन में उसे कई मंत्रालयों और विभागों का सहयोग मिला, जिनमें शिक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, डाक विभाग, भारतीय वायु सेना, सीएपीएफ और एसबीआइ, केनरा बैंक, पीएनबी और यूको बैंक जैसे कई बैंकिंग पार्टनर शामिल हैं। एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने कहा कि एजेंसी को प्रश्नपत्र लीक होने के बारे में कोई शिकायत नहीं मिली है। हम पूरी सुरक्षा के साथ परीक्षा आयोजित करने में सफल रहे। इस बार पूरी प्रक्रिया को लेकर हम 100 प्रतिशत आश्वस्त हैं।

छात्रों को न हो दिक्कत इसलिए मोदी ने एयरपोर्ट पर ही बिताए 45 मिनट

नीट-यूजी के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी छात्रों की सुविधा का ध्यान रखा। हुआ यह कि कोलकाता से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का कार्यक्रम खत्म करके पीएम मोदी रविवार को 1.15 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से उन्हें सीधे अपने आवास जाना था। हालांकि, यह छात्रों के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने का समय था। सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी ने इस दौरान अपने तय प्रोटोकाल के चलते लगने वाले ट्रैफिक जाम को देखते हुए उस समय एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने का फैसला लिया।

पीएम का मानना था कि परीक्षा के समय ट्रैफिक जाम के चलते छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में पीएम मोदी ने 45 मिनट तक एयरपोर्ट पर ही बिताए। वह एयरपोर्ट से तभी निकले, जब दो बजे गए और सभी सेंटरों पर परीक्षा शुरू हो गई।

इनसेटदो लाख छात्र अनुपस्थित2025 में कुल रजिस्ट्रेशन- 22.76 लाख, परीक्षा में शामिल हुए- 22.05 लाख छात्र, अनुपस्थित रहे- 66 हजार। 2026 में कुल रजिस्ट्रेशन- 22.79 लाख, तीन मई की परीक्षा में शामिल हुए- 22.05 लाख। अनुपस्थित रहे-करीब 74 हजार। 21 मई की दोबारा परीक्षा में- कुल उपस्थित रहे करीब 20 लाख से अधिक। अनुपस्थित रहे- दो लाख से अधिक छात्र।

अनुपस्थिति के कारण

एनटीए से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस बढ़ी अनुपस्थिति के कई कारण हैं। पहला-परीक्षा रद होने के चलते दोबारा तैयारी के लिए पर्याप्त समय का न मिलना। दूसरा-परीक्षा रद होने के बाद काफी छात्रों ने अपने दूसरे विकल्प जैसे जिन्होंने जेईई दी थी, उस तरफ शिफ्ट हो गए, या फिर बीएससी व नर्सिंग जैसे कोर्सों में दाखिला ले लिया।

 

Leave a Reply

error: Content is protected !!