अब हर गांव में पहुंचा स्वास्थ्य का मंदिर: 428 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से सारण में बदली स्वास्थ्य व्यवस्था

अब हर गांव में पहुंचा स्वास्थ्य का मंदिर: 428 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से सारण में बदली स्वास्थ्य व्यवस्था

• 428 केंद्रों से मिल रही 12 तरह की स्वास्थ्य सेवाएं
• आयुष्मान आरोग्य मंदिर में नि:शुल्क दवा और जांच की सुविधा
• एनक्वास प्रमाणीकरण से बढ़ रही है स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता

WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
previous arrow
next arrow
WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
WhatsApp Image 2026-01-02 at 12.09.56 PM
previous arrow
next arrow

श्रीनारद मीडिया, पंकज मिश्रा, अमनौर, सारण (बिहार):

छपरा। बिहार की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था अब पूरी तरह बदल चुकी है। कभी गांवों में उप-केंद्र केवल नाम भर के लिए खुलते थे। कई बार स्वास्थ्यकर्मी समय पर नहीं पहुंचते थे और मरीजों को इलाज के लिए शहर की ओर भागना पड़ता था। लेकिन अब तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल और स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं ने उपकेंद्रों को आधुनिक स्वरूप देकर “आयुष्मान आरोग्य मंदिर” में तब्दील कर दिया है। ये केंद्र अब केवल इलाज की जगह नहीं रहे, बल्कि इन्हें ग्रामीणों के स्वास्थ्य और जीवनशैली सुधार के केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इन केंद्रों ने स्वास्थ्य सेवाओं को गांव-गांव तक पहुंचा दिया है।पहले छोटी-छोटी बीमारियों में भी मरीजों को शहर का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब इलाज उनके गांव के पास ही उपलब्ध है। इससे ग्रामीण परिवारों का समय और पैसा दोनों बच रहा है।

सारण में 428 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित:
जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीसी रमेश चंद्र कुमार ने बताया कि सारण जिले में इस समय 428 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। 378 हेल्थ सब-सेंटर, 08 अपग्रेडेड हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, 40 अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 02 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुल मिलाकर 428 आयुष्मान आरोग्य मंदिर है। इनसे जिले के हर गांव-टोले तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच रही हैं। लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए शहरों या बड़े अस्पतालों की दौड़ नहीं लगानी पड़ रही है। स्वास्थ्य विभाग इन केंद्रों को और ज्यादा मजबूत बनाने की दिशा में काम कर रहा है।राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) के तहत इन केंद्रों का प्रमाणीकरण कराया जा रहा है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि यहां मिलने वाली दवा और जांच देश के सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप हों।
आधुनिक सुविधाओं से लैस
ग्रामीण इलाकों में बने इन स्वास्थ्य मंदिरों में पीने के शुद्ध पानी, हर्बल गार्डन, साफ-सुथरे शौचालय, अग्निशमन यंत्र और स्वच्छ वातावरण की विशेष व्यवस्था की गई है। इससे लोगों में स्वास्थ्य के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। इसके अलावा, यहां आने वाले मरीजों को केवल दवा नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें संतुलित आहार, योग-व्यायाम और रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के मंत्र भी बताए जाते हैं।
क्या मिलती हैं सुविधाएं?
आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर लोगों को मुफ्त और गुणवत्ता-युक्त स्वास्थ्य सेवाएं दी जाती हैं।
यहां मरीजों को:
• 151 प्रकार की दवाएं नि:शुल्क मिलती हैं।
• 14 तरह की पैथोलॉजिकल जांचें की जाती हैं।
• प्रसव पूर्व जांच और सुरक्षित प्रसव की सलाह दी जाती है।
• परिवार नियोजन सेवाएं उपलब्ध हैं।
• टीकाकरण अभियान निरंतर चलता है।
• ओपीडी सेवाएं हर दिन उपलब्ध रहती हैं।
• संचारी व गैर-संचारी रोगों का इलाज किया जाता है।
• मानसिक स्वास्थ्य और किशोर-किशोरी परामर्श दिया जाता है।

गांव-गांव बदली तस्वीर:
सिविल सर्जन डॉ. सागर दुलाल सिन्हा ने कहा कि आज आयुष्मान आरोग्य मंदिर सिर्फ अस्पताल नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और जागरूकता का प्रतीक बन चुके हैं। यहां बच्चों का टीकाकरण हो रहा है, महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व की गारंटी मिल रही है, बुजुर्गों को नियमित दवा और जांच मिल रही है, और किशोर-किशोरियों को मानसिक स्वास्थ्य और पोषण संबंधी परामर्श भी दिया जा रहा है।

यह भी पढ़ें

दिलीप हत्याकांड में दो आरोपी गिरफ्तार:वैशाली में रुपयों के लेनदेन में हुआ था मर्डर, दो अन्य की तलाश जारी

सारण पुलिस  ने 15 कि.ग्रा. गाँजा के साथ एक तस्कर को किया गिरफ्तार

राजकीय शिक्षक सम्मान पुरस्कार से सम्मानित होने पर पचरुखी में खुशी का माहौल

 अस्पताल से घर लौटते समय आशा कार्यकर्ता की हत्‍या, पुलिस जांच में जुटी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!