बिहार में गर्ल्स हॉस्टल और कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त

बिहार में गर्ल्स हॉस्टल और कॉलेज में पढ़ने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

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बिहार सरकार ने बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने कहा है कि समाज के विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए लड़कियों और महिलाओं का शिक्षित और आत्मनिर्भर होना जरूरी है. सरकार चाहती है कि महिलाओं को स्कूल, कॉलेज, कार्यस्थल और रहने वाली जगहों पर पूरी तरह सुरक्षित माहौल मिले.

महिला सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है. इसमें कोई बाधा न आए, इसके लिए गृह विभाग ने नए और सख्त निर्देश जारी किए हैं. खासतौर पर राज्यभर में चल रहे गर्ल्स हॉस्टल और लॉज को लेकर नियमों में बदलाव किया गया है.

सभी गर्ल्स हॉस्टल का रजिस्ट्रेशन जरूरी

सम्राट चौधरी ने बताया कि अब बिहार के हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा. हर थाने में क्षेत्र के सभी हॉस्टलों का पूरा ब्योरा रखा जाएगा. जरूरत पड़ने पर तुरंत जानकारी मिल सके, इसकी जिम्मेदारी महिला हेल्प डेस्क को दी गई है.

24 घंटे महिला वार्डन की तैनाती जरूरी

नए दिशा-निर्देश के मुताबिक, हर हॉस्टल में 24 घंटे महिला वार्डन की मौजूदगी अनिवार्य होगी. वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन जरूरी किया गया है. बिना सत्यापन के कोई कर्मचारी नहीं रखा जाएगा.

CCTV, लाइट और मजबूत सुरक्षा इंतजाम

हॉस्टल के मेन गेट, गलियारे, खाने वाली जगह और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी. हॉस्टल में पर्याप्त लाइट, साफ-सफाई, मजबूत दरवाजे, ताले और खिड़कियों में लोहे की जाली होना जरूरी होगा.

विजिटर रजिस्टर और पुरुषों की एंट्री पर रोक

हॉस्टल में आने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार डिटेल्स विजिटर रजिस्टर में दर्ज किया जाएगा. कमरों वाले हिस्से में पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. रात के समय छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति दर्ज करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है.

इमरजेंसी के लिए खास व्यवस्था

इमरजेंसी से निपटने के लिए हॉस्टलों में स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क, अभया ब्रिगेड और 112 नंबर की जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे. छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के सुरक्षा फीचर्स की भी जानकारी दी जाएगी.

नियमित जांच, लापरवाही पर कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड मिलकर हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे. किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई होगी. उन्होंने साफ कहा कि बच्चियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.

पटना के नीट छात्रा कांड से सरकार की फजीहत हुई है. इस बीच अब नीतीश सरकार ने बिहार में छात्राओं और कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है. राज्यभर में चल रहे सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं. इन निर्देशों के तहत अब हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज का पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है. साथ ही, महिलाओं को समान अवसर और सम्मान के साथ सुरक्षित जीवन देने पर विशेष जोर दिया गया है.

24 घंटे महिला वार्डन की नियुक्ति अनिवार्य

नए नियमों के अनुसार, सभी गर्ल्स हॉस्टल और लॉज में 24 घंटे महिला वार्डन की नियुक्ति अनिवार्य होगी. इसके अलावा वार्डन, गार्ड, रसोइया और सफाईकर्मी समेत सभी कर्मचारियों का पुलिस सत्यापन कराना जरूरी होगा. सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए हॉस्टल के मुख्य गेट, गलियारों, डायनिंग एरिया और पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी रिकॉर्डिंग कम से कम 30 दिनों तक सुरक्षित रखनी होगी.

विजिटर रजिस्टर में दर्ज करना होगा नाम-नंबर

हॉस्टलों में पर्याप्त रोशनी, साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था, मजबूत दरवाजे-ताले और खिड़कियों में लोहे की जाली लगाना भी अनिवार्य किया गया है. हॉस्टल में आने-जाने वाले हर व्यक्ति का नाम, मोबाइल नंबर और आधार नंबर विजिटर रजिस्टर में दर्ज करना होगा. कमरों वाले हिस्से में पुरुषों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. वहीं, रात के समय छात्राओं और स्टाफ की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक सिस्टम लगाने पर भी जोर दिया गया है.

आपात स्थिति से निपटने के लिए हॉस्टलों में 112 नंबर, स्थानीय थाना, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड से जुड़ी जानकारी वाले पोस्टर लगाए जाएंगे. छात्राओं को 112 इंडिया ऐप के सुरक्षा फीचर्स के इस्तेमाल की ट्रेनिंग भी दी जाएगी.

बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा से नहीं होगा समझौता

सुरक्षा की निगरानी के लिए पुलिस, महिला हेल्प डेस्क और अभया ब्रिगेड संयुक्त रूप से हॉस्टलों की नियमित जांच करेंगे. किसी भी संदिग्ध या आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बच्चियों और महिलाओं की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

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