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तीजन बाई कैसी हैं- पीएम मोदी

तीजन बाई कैसी हैं- पीएम मोदी

तीजन बाई ने पंडवानी परंपरा को दी नई ऊंचाई

तीजन बाई 2024 से बीमार है,वह ठीक से बोल नहीं पा रही हैं

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव में शामिल होने रायपुर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रसिद्ध लोक कलाकार और पद्म विभूषण से सम्मानित तीजन बाई से फोन पर बात कर स्वास्थ्य की जानकारी ली। प्रधानमंत्री ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।

तीजन बाईः महिलाओं के लिए राह बनाने वाली पहली पंडवानी गायिका

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के पाटन अटारी गांव में जन्मी तीजन बाई बचपन से ही पंडवानी कला की ओर आकर्षित थीं। अपने नाना से पांडवों की कथा सुनकर उन्होंने पंडवानी को अपना जीवन बना लिया।
पंडवानी कला परंपरागत रूप से पुरुषों तक सीमित थी, लेकिन तीजन बाई ने कापालिक शैली में मंच पर खड़े होकर गायन व अभिनय का साहस दिखाया। इसके साथ ही उन्होंने इस लोककला को नई ऊर्जा और नाटकीयता दी। तीजन बाई जैसी विभूतियां भारतीय संस्कृति की जीवंत आत्मा हैं।

इंदिरा गांधी भी थीं प्रशंसक

तीजन बाई की प्रतिभा से प्रभावित होकर नाट्य निर्देशक हबीब तनवीर ने उन्हें तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के सामने प्रस्तुति का अवसर दिलवाया। प्रस्तुति के बाद इंदिरा गांधी ने कहा था, आप बहुत अच्छा महाभारत करती हैं, इस पर तीजन बाई ने बहुत विनम्रता से जवाब दिया था, महाभारत नहीं करती हूं, महाभारत की कथा सुनाती हूं।
बाद में फिल्म निर्देशक श्याम बेनेगल ने उन्हें अपने प्रसिद्ध धारावाहिक ‘भारत एक खोज’ में शामिल किया, जिससे पंडवानी पूरे देश में घर-घर तक पहुंची। लोककला के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए तीजन बाई को पद्मश्री, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, पद्म विभूषण से सम्मानित किया जा चुका है।

तीजन बाई ने कहा था, पंडवानी ही मेरा बेड़ा पार लगाएगी

उम्र और बीमारी के बावजूद तीजन बाई का पंडवानी के प्रति प्रेम अटूट है। उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था, जैसे बच्चा मां को पकड़कर रखता है, वैसे ही मैंने पंडवानी को पकड़ रखा है। पंडवानी ही मेरा बेड़ा पार लगाएगी।

सीएम ने दिया थे आदेश

सीएम के आदेश के बाद चिकित्सकों की एक टीम समय-समय पर तीजन बाई के आवास पर भेजी जाती थी और उनकी सेहत की लगातार निगरानी की जा रही थी। वहीं, जब आज पीएम मोदी ने उनका जिक्र किया, तो जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह समेत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज दानी समेत कई अधिकारी तीजन बाई के आवास पर पहुंच गए।

तीजन बाई का घर गनियारी गांव में है। पीएम मोदी के पूछने के बाद ही प्रशासन की पूरी टीम तीजन बाई के घर पर पहुंची और आधे घंटे तक उनका चेकअप हुआ। इस दौरान दौरान तीजन बाई के परिवार के भी सभी सदस्य मौक पर मौजूद थे। परिवार के सदस्यों के मुताबिक तीजन बाई ठीक से कुछ बोल या बता नहीं पा रही हैं।

जिला कलेक्टर समेत स्वास्थ्य अधिकारियों की एक टीम फौरन तीजन बाई के घर पहुंची और उनके स्वास्थ्य की जांच की गई। सभी अधिकारी लगभग आधे घंटे तक तीजन बाई के घर पर मौजूद रहे।

काफी समय से बीमार हैं तीजन बाई

दरअसल 2024 में तीजन बाई के तबीयत अचानक खराब हो गई थी। उनका बीपी काफी बढ़ गया था और वो बिस्तर से उठ भी नहीं पा रही थीं। यही नहीं, वो कई लोगों को पहचानने में भी असमर्थ थीं। सितंबर 2024 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने तीजन बाई के स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को बेहतर उपचार और उनके देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी थी।

 

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