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अमेरिका-ईरान संघर्ष नौवें दिन भी जारी, तनाव चरम पर

अमेरिका-ईरान संघर्ष नौवें दिन भी जारी, तनाव चरम पर

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष लगातार नौवें दिन भी जारी रहा। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव अब व्यापक सैन्य टकराव का रूप लेने लगा है। दोनों देशों ने सैन्य ठिकानों के साथ-साथ नागरिक बुनियादी ढांचे पर भी हमले तेज कर दिए हैं।

इस बीच ईरान ने अमेरिका के साथ पिछले महीने हुए युद्धविराम से जुड़े शुरुआती समझौते से पीछे हटने का एलान करते हुए अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को स्थगित करने की घोषणा कर दी।

अमेरिका ने प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया- ईरान

एपी के अनुसार, ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका ने ‘इस्लामाबाद एमओयू’ के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया है। इसलिए तेहरान भी समझौते के पालन और उसके क्रियान्वयन को रोक रहा है। समझौते का अब कोई मतलब नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल ईरान का पूरा ध्यान देश की रक्षा पर है।

संघर्ष के दौरान अमेरिका ने ईरान के होर्मोजगान प्रांत में समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले एक प्रमुख डीसैलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले से करीब 20 गांवों की पेयजल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे लगभग 10 हजार लोगों के सामने पीने के पानी का संकट गहरा गया है।

बिजलीघरों, दो सुरंगों और एक पुल को भी नुकसान

बिजलीघरों, दो सुरंगों और एक पुल को भी नुकसान पहुंचा, जिससे बंदर अब्बास को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग प्रभावित हुआ। ऊर्जा मंत्रालय ने भीषण गर्मी के बीच बिजली बचाने के लिए लोगों से एयर कंडीशनर कम से कम घंटे भर के लिए बंद करने की अपील की है।

जवाब में ईरान ने कुवैत के डीसैलिनेशन प्लांट, तेल शोधन संयंत्रों और अन्य अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने एक प्रमुख तेल शोधन संयंत्र को नुकसान पहुंचने और कई लोगों के घायल होने की पुष्टि की।

वहीं, बिजली और जल मंत्रालय ने भी पेयजल और बिजली उत्पादन संयंत्रों पर हमले की पुष्टि की। कुवैत में करीब 90 प्रतिशत पेयजल इन्हीं संयंत्रों से उपलब्ध होता है। सेना ने बताया कि रोके गए प्रोजेक्टाइल का मलबा कई रिहायशी इलाकों में गिरा, हालांकि किसी नागरिक की मौत नहीं हुई। कुवैत ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए ईरान की कड़ी निंदा की।

रायटर्स के अनुसार, अमेरिकी सेना की यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि उसके हमलों में निगरानी ठिकानों, सैन्य लॉजिस्टिक्स ढांचे, भूमिगत हथियार भंडार और समुद्री सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। दूसरी ओर, ईरानी सरकारी मीडिया ने होर्मोजगान में तीन अमेरिकी हवाई हमलों की पुष्टि करते हुए दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया।

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 6 जुलाई से जारी अमेरिकी हमलों में अब तक कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मृतकों में पांच महिलाएं और दो बच्चे शामिल हैं, जबकि घायलों में 32 महिलाएं और 18 बच्चे एवं किशोर हैं। मंत्रालय ने बताया कि अब तक 28 सर्जरी की जा चुकी हैं, 460 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और 37 लोग अब भी भर्ती हैं।

ईरान की फार्स समाचार एजेंसी ने दावा किया कि यदि अमेरिका नागरिक सुविधाओं पर हमले जारी रखता है तो दुबई और अबूधाबी के हवाई अड्डों तथा फुजैराह और जेबेल अली बंदरगाहों को भी संभावित खतरा हो सकता है। हालांकि इस चेतावनी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

कुवैत ने अपने तेल ठिकानों, बिजलीघरों और समुद्री पानी को पीने योग्य बनाने वाले डिसैलिनेशन प्लांट पर हुए ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है।

कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को ‘जघन्य’ बताते हुए कहा कि ईरान लगातार नागरिक ठिकानों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है। कुवैत ने ईरान को इस हमले के लिए पूरी तरह जिम्मेदार ठहराते हुए तुरंत हमले रोकने की मांग की।

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