मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में 35 एजेंडों पर मुहर लगी
श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

बिहार बजट सत्र के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में 35 एजेंडों पर मुहर लगी. सबसे बड़ा फैसला सारण जिले के सोनपुर में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का लिया गया है. सरकार ने प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है.
4200 एकड़ में विकसित होगा नया एयरपोर्ट
सोनपुर में प्रस्तावित हवाई अड्डा 4200 एकड़ जमीन पर बनेगा. इसकी लोकेशन पटना के बेहद करीब है. इससे राजधानी पर बढ़ते हवाई प्रेशर को कम करने में मदद मिलेगी. यह एयरपोर्ट लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी अहम साबित होगा. उत्तर बिहार को सीधा ग्लोबल कनेक्शन मिल सकेगा. पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर यात्रियों का दबाव लगातार बढ़ रहा है. नया एयरपोर्ट इस भार को बांटेगा. भविष्य में बड़े विमानों की आवाजाही भी आसान होगी.
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का फोकस पर्यटन और व्यापार को बढ़ाना है. सोनपुर का विश्व प्रसिद्ध मेला हर साल लाखों लोगों को आकर्षित करता है. अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनने से विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है. स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे. होटल, ट्रांसपोर्ट और सर्विस सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा.
पहले भी हुए अहम फैसले
6 फरवरी को हुई पिछली कैबिनेट बैठक में 17 एजेंडों को मंजूरी दी गई थी. उस बैठक में POCSO मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए विशेष अदालतों में नए पद सृजित करने का फैसला हुआ था. राज्य में करीब 6 हजार मामले लंबित हैं. सरकार ने इनके जल्द निपटारे की दिशा में कदम बढ़ाया था.
अब आगे क्या?
सोनपुर एयरपोर्ट के लिए भूमि अधिग्रहण और तकनीकी सर्वे की तैयारी शुरू होगी. प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने का संकेत दिया गया है. राजनीतिक गलियारों में इसे सरकार का बड़ा कदम माना जा रहा है. बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में इसे ‘मास्टरस्ट्रोक’ कहा जा रहा है.
2030 तक एयरपोर्ट को तैयार करने का लक्ष्य
इस एयरपोर्ट को साल 2030 तक तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है. सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को केंद्रीय बजट में पहले ही स्वीकृति मिल चुकी थी, जिसके बाद राज्य सरकार ने भी अपनी सहमति दे दी. परियोजना के तहत एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण पर राज्य सरकार ने 1302 करोड़ रुपये की मंजूरी भी दे दी है.
अवैध डीजे ट्रॉली पर बैन
वहीं एक दिन पहले राज्य सरकार ने अवैध डीजे ट्रॉली को लेकर भी बड़ा फैसला लिया था. बिहार विधान परिषद में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने घोषणा की कि राज्य में अवैध तरीके से संचालित डीजे ट्रॉली को 15 दिनों के भीतर बंद कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
डीजे की तेज आवाज से हार्ट अटैक का भी खतरा
यह मुद्दा विधान परिषद में निर्दलीय एमएलसी वंशीधर बृजवासी ने उठाया था. उन्होंने सदन में कहा कि डीजे की तेज आवाज से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है और इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है, यहां तक कि हार्ट अटैक जैसी घटनाओं की आशंका भी जताई गई. इसके बाद सरकार ने अवैध डीजे ट्रॉली पर बैन लगाने का ऐलान किया.
- यह भी पढ़े……………
- भारत मंडपम में AI इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया
- सीवान के लाल अमितेंद्र नाथ सिन्हा (आई.पी.एस) हुए सम्मानित
- TRE-4 परीक्षा 22 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी
