रोज़ा रखकर नन्हे बच्चों ने दी सब्र और इबादत की प्रेरणा
श्रीनाररद मीडिया, सीवान (बिहार):

रमज़ान-उल-मुबारक के पवित्र महीने में नन्हे बच्चों की रोज़ा जैसी इबादत और दिन की लगन लोगों के लिए प्रेरणा बन रही है। कौमी तंजीम उर्दू अख़बार के पत्रकार हाफिज मोहम्मद फरजान फिरोजपुरी की पुत्री आबिदा नूरी उर्फ बुशरा (उम्र 7 वर्ष) तथा पुत्र मोहम्मद नोमान (उम्र 6 वर्ष) ने पहली बार रोज़ा रखकर इबादत की सआदत हासिल की।
इतनी कम उम्र में पूरे दिन भूखे-प्यासे रहकर रोज़ा रखना काबिले-तारीफ़ माना जा रहा है। रमज़ान के मुबारक महीने में नन्हे रोज़ेदार बच्चों का हौसला बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि उनके दिलों में दीन और इबादत के प्रति मोहब्बत और लगाव पैदा हो सके।
इस खुशी के मौके पर अहले-खाना, रिश्तेदारों और गांव के लोगों ने बच्चों को मुबारकबाद पेश की तथा उनके बेहतर भविष्य, सेहत और कामयाबी के लिए खूब दुआएं दीं।
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