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हमारे समाज के दिग्भ्रमित हो रहे युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरणा है बेहद जरूरी: सांता नंद मिश्रा

हमारे समाज के दिग्भ्रमित हो रहे युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरणा है बेहद जरूरी: सांता नंद मिश्रा

“गांव की मिट्टी मिटने नहीं देती” पुस्तक का विमोचन समारोह उखई में संपन्न

✍🏻 डॉक्टर गणेश दत्त पाठक

श्रीनारद मीडिया सेंट्रल डेस्क

जीवन में चुनौतियां आती है लेकिन धैर्य के साथ आगे बढ़ने पर जीवन में सफलता मिलती है और समृद्धि भी आती है । आवश्यकता इस बात की है कि हम चाहे कितनी lभी ऊंचाई पर पहुंच जाएं दिल सदैव माटी से जुड़ा रहना चाहिए। विनम्रता और संस्कार हमें मजबूती प्रदान करते हैं। मैंने अपनी पुस्तक “गांव की माटी मिटने नहीं देती” को अपने जिंदगी के अनुभवों के आधार पर लिखा है। यदि यह पुस्तक नशा और मोबाइल के दुष्प्रभाव से हमारे समाज के दिग्भ्रमित हो रहे युवाओं को प्रेरित कर सके और उन्हें सही मार्गदर्शन प्रदान कर सके तो हमें बहुत खुशी होगी।

ये बातें रविवार की संध्या उखई पश्चिमी टोला में आयोजित पुस्तक “गांव की मिट्टी मिटने नहीं देती” के विमोचन समारोह में अमेरिका के प्रख्यात मैनेजमेंट कंसल्टेंट श्री सांतानंद मिश्रा ने कही। इस अवसर पर सुंदरकांड का पाठ भी किया गया। मौके पर जिले के प्रख्यात शिक्षाविद्, उद्यमी, राजनीतिज्ञ प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

श्री सांता नंद मिश्रा द्वारा रचित पुस्तक “गांव की मिट्टी मिटने नहीं देती” का विमोचन पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव, जेड ए इस्लामिया कॉलेज के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉक्टर अशोक प्रियंवद, शिक्षाविद् गणेश दत्त पाठक, पूर्व बीडीओ ताप्ती वर्मा, उद्यमी सह सिवान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स के वाइस प्रेसिडेंट डॉक्टर रूपेश कुमार, तितिर स्तूप विकास मिशन के अध्यक्ष डॉक्टर कृष्ण कुमार सिंह के हाथों किया गया।

सभी आगत अतिथियों ने एक संवेदनशील और आत्मीय जुड़ाव वाले पुस्तक लेखन के लिए सांता नंद मिश्रा को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए अपने लेखन कार्य को आगे भी कायम रखने का अनुरोध किया। मालूम हो कि कुछ दिन पहले पुस्तक का विमोचन जे एन यू में किया जा चुका है। लेखक की इच्छा अपने गांव में भी पुस्तक के विमोचन की थी। ताकि विशेषकर गांव के युवाओं को भी सकारात्मक मार्गदर्शन मिल सके। मौके पर सुंदरकांड के पाठ का आयोजन भी किया गया। अतिथियों का स्वागत त्रिलोकीनाथ मिश्रा, सौरभ कुमार आदि ने किया।

मौके पर अपने संबोधन में दयानंद आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज के बाहरी विशेषज्ञ सह जिला दूरसंचार समिति के सदस्य, शिक्षाविद् गणेश दत्त पाठक ने कहा कि यह पुस्तक समाज में सकारात्मक प्रेरणा का संचार करती है। गांव के एक लड़के के अमेरिका तक के सफर में आनेवाली चुनौतियों और सफलता के बाद भी मिट्टी के प्रति जुड़ाव को उजागर करती है, जो आज के दौर में एक बड़ा संदेश है। इस पुस्तक को सभी युवाओं को पढ़ना चाहिए इससे उन्हें सकारात्मक मार्गदर्शन और प्रेरणा मिलेगी।

इस अवसर पर जेड ए इस्लामिया कॉलेज के पूर्व प्राध्यापक डॉक्टर अशोक प्रियंबद ने कहा कि सांता नंद मिश्रा ने पुस्तक में ज़िंदगी के हर आयाम को बेहद बेबाकी से उद्घाटित किया हैं। ईमानदार लेखनी सदैव समाज में सकारात्मकता का संचार और प्रेरणा का सम्यक प्रवाह सुनिश्चित करती है। आज के समाज में युवा पीढ़ी को अपने जड़ों के महत्व को समझने की विशेष दरकार है। यह पुस्तक संवेदना, आत्मीयता, भावना की त्रिवेणी को बहाती दिखाई देती है।

सीवान के पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव ने कहा कि आज के दौर में समाज को सकारात्मक संदेश देने का सांता नंद मिश्रा जी का प्रयास बेहद सराहनीय है। ईश्वर की कृपा से उनकी लेखनी चलती रहे।

तितिर स्तूप विकास मिशन के अध्यक्ष डॉक्टर कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि लेखक ने अपने संघर्ष की व्यथा का जिक्र कर समाज में युवाओं को प्रेरित करने का सार्थक प्रयास किया है। लेखक के दोनों पुत्रों सात्विक मिश्रा और सम्यक मिश्रा ने भी अपने पिता के प्रति आदरपूर्ण भावों को व्यक्त किया। मंच संचालन वरीय अधिवक्ता विजय कुमार पांडेय ने किया।

इस अवसर पर बड़हरिया विधायक इंद्रदेव सिंह पटेल, पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष राहुल तिवारी, जदयू जिलाध्यक्ष विकाश सिंह जीशू, जिला बीस सूत्री उपाध्यक्ष संजय पांडेय, डॉक्टर संजय कुमार सिंह, भारत भूषण, देवेंद्र गुप्ता, जय प्रकाश गुप्ता, डॉक्टर अनुपम कुमार आदित्य, प्रेम शंकर सिंह, राकेश पांडेय, अमितेश कुमार, राजेश तिवारी, रमेश सिंह, प्रोफेसर अवधेश शर्मा, उद्यमी रूपेश कुमार, नीलेश वर्मा नील, रंजना मिश्रा, रेखा पाठक, अरुण कुमार पांडेय, रमाकांत द्विवेदी, विजय जादूगर, शंभू सोनी, आशुतोष चौबे,नंद द्विवेदी, अरविंद पाठक, आकाश श्रीवास्तव, मोनू कुमार, आदि अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

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